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युवांश क्रिएशन की 'ज़िंदगी के फ़लसफ़े' पर एक सुरीली शाम


नागपुर। युवांश क्रिएशन के कलाकारों द्वारा एक शानदार संगीतमय प्रस्तुति "ज़िंदगी के फ़लसफ़े", वर्सेटाइल सिंगर्स स्टूडियो में आयोजित किया गया। युवांश क्रिएशंस के क्रिएटिव डायरेक्टर वैशाली मदारे ने सभी कलाकारों का अभिनंदन किया। ज़िंदगी की धूप छांव पर आधारित 'जिंदगी के फ़लसफ़े' में गीतों को शहर के सुपरिचित कलाकारों ने अपनी आवाज़ से चार चांद लगा दिए। 


जिसमें अतुल सोहानी ने 'कहीं दूर जब', 'दिल के झरोखे में', वैशाली मदारे ने 'यह जीवन है', 'खुशियां ही खुशियां हो', सुरेखा कापसे ने 'हर खुशी हो वहां' , 'जिंदगी हर कदम' , कीर्ति पाटिल ने 'न जाने क्यों', 'तेरे बिना जिंदगी से', अमिता शिरबाविकर ने 'तुझसे नाराज नहीं', 'जिंदगी प्यार का गीत है', अपूर्वजोशी ने 'सुनैना', 'जादू तेरी नज़र', 


गिरीश सोलंकी ने 'खुदा भी आसमां से', 'मैंने पूछा चांद से', माधव पटले ने 'यह क्या हुआ', 'तारों में सज के', तुषार रंगारी ने 'लोग बरसो जुदा होके', 'जब तुम खो जाते हो', चंद्रकांत रायपुर ने 'ऐ जिंदगी गले लगा ले', 'छोटी सी ये जिंदगानी रे', राज चौधरी ने 'जिंदगी कैसी है पहेली', 'रोते हुई आते हैं सब', और सभी कलाकारों ने मिलकर 'जिंदगी मिलके बिताएंगे' गीत के साथ कार्यक्रम के शीर्षक को सार्थक किया. कार्यक्रम का संचालन तुषार रंगारी ने किया। 

कार्यक्रम मे  साउंड सिस्टम संघमित्रा रंगारी और लाइव स्ट्रीमिंग भूषण जी ने संवारा। कार्यक्रम में सभी दर्शकों और श्रोताओं का राज चौधरी ने आभार व्यक्त किया।

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