लता मंगेशकर और बप्पी लहीरीं के गानो ने बांधा समां
नागपुर। गान सरस्वती लता मंगेशकर आौर प्रयोगशील संगीतकार बप्पी लहीरी को म्युझिक टाईम आर्केस्ट्रा की और से प्रसतुती कार्यक्रम मे म्युझिकल ट्रिब्यूट दिया गया.
26 फरवरी को बर्डी स्थित विदर्भ हिंदी साहित्य संमेलन के मधुरम हाॅल मे हुए इस म्युझिकल हीट कार्यक्रम मे ब्लॅक अॅण्ड व्हाईट से लेकर इस्टमन कलर तक के फिल्मी गानो का सुहाना सफर तय हुआ.
'नाम गुम जायेगा' ये गौरी शिंदे के गाने से कार्यक्रम की सुरीली शुरूवात हुई. उस के बाद एक से बढकर एक सुरीले गानो की झडी लग गयी. मानो गानो की बरसात हुई. 'दिल अपना और प्रित पराई' बिंदु ढोके, और पुष्पलता, 'चलते चलते युही कोई' गौरी शिंदे, 'हुस्न पहाडो का ओ साहीबा' ये ड्यूएट बिंदु ढोके व शैलेश ढोके, 'आओ तुम्हे चाँद पे ले जाये' ये अप्रतिम सोलो पुष्पलता ने गाया.
'मेरी सांसो को जो महका' ये ड्यूएट सुनील गजभिये व पुष्पलता, 'सलामे इश्क मेरी जान' ये ड्यूएट राजू गोयल व गौरी शिंदे, 'माना हो तुम बेहद हसी' आशिष उसरबारसे और 'मंजिले अपनी जगह' सुनील ने गाया. तालीयो की गुंजाहट से सारा सभागृह भर गया. 'चलते चलते मेरे ये गीत' ये बप्पीदा के गाने से समापन हुआ.
कि बोर्ड पर प्रशांत खडसे, विक्रांत लिमजे, गिटार नितीन अहीरे, ढोलकी व बँजो कृष्णा जनवरे, तबला पंकज यादव, तुम्बा शैलेश ढोके, अॅक्टोपॅड राजू ठाकुर ने साथ संगत की. संकल्पना और आयोजन नागपुर महानगर पालिका मिलान ग्रुप की थी. इस कार्यक्रम मे जेष्ठ समाज सेवक गिरीश पांडव, वी. एस. जोहरी, एस. आर. माटे, प्रफुल देशमुख विशेष उपस्थित थे।
इस कार्यक्रम को द्रव्या बिल्डर्स का सहयोग मिला है. कार्यक्रम के प्रवाही निवेदन राजू गोयल ने किया. ध्वनी प्रकाश व्यवस्था विनोद पांडे व विडीओग्राफी रवी साने की थी.