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संत गजानन महाराज का प्रगटोत्सव मनाया गया


नागपुर/सावनेर। महाराष्ट्र के शेगांव निवासी संत गजानन महाराज का 144 वां प्रकटोत्सव पूरे हर्षोल्लास से अरविंद इंडो पब्लिक स्कूल सावनेर में मनाया गया। पूजा - अर्चना के साथ जाप भी किया गया। स्कूल के प्राचार्य राजेंद्र मिश्र ने उनकी प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर, पुष्पमाला अर्पित कर प्राकटयोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से 23 फरवरी 1878 को उनका जन्म हुआ था। 


इसलिए इसी दिन प्रतिवर्ष प्रकटोत्सव मनाया जाता है। शेगांव स्थित गजानन मंदिर से पालकी निकाली जाती है और उनकी चरण पादुका का पूजन किया जाता है। जब उन्हें पहली बार देखा गया तब वह एक युवक थे और वे जूठी पत्तलो से खाना उठा रहे थे और 'गं गं गणात बूते' का उच्चारण कर रहे थे। गं गं गणात बूते का उच्चारण करने के कारण ही उनका नाम गजानन पड़ा। 

उनका पूरा जीवन चमत्कारों से भरा हुआ है।स्कूली विद्यार्थियों ने पूरी आस्था से पूजा-अर्चना एवं जाप में हिस्सा लिया। आरती उपरांत प्रसाद वितरण हुआ। स्कूली बच्चों ने गजानन महाराज की जय के जयकारे लगाए। अरविंद बाबू देशमुख प्रतिष्ठान के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ आशीष देशमुख ने प्रगटोत्सव कार्यक्रम में सहभागी विद्यार्थियों का अभिनंदन किया और उन्हें शुभकामनाएं प्रदान की।
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