देशभर के जंगल की सीमा पर सुरक्षा के उपाय जरूरी
https://www.zeromilepress.com/2022/02/blog-post_553.html
जंगली प्राणियों के सड़क पर विचरण चिंता का विषय
नागपुर-(आनंदमनोहर जोशी) भारत के घने जंगल में अनेक राज्यों में पर्यटकों में युवा, बच्चे, वरिष्ठ पुरुष,महिला जंगल के बीच की सड़क से बस, कार,जीप, टू,थ्री व्हीलर्स से यात्रा करते हैं। इस दौरान आजकल जंगल सफारी के नाम से फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की तरफ से फीस लेकर जंगल की सैर पर्यटकों को करना फैशन है। साथ ही वर्तमान समय में शहर की सड़को पर चिता जंगली जानवर जंगल के ट्रैक से निकलकर आवागमन करनेवाली सड़कों पर झुंड के साथ आते दिखाई देते है।
हमारे देश में छत्तीसगढ़,महाराष्ट्र,विदर्भ, मध्यप्रदेश सहित अनेक स्थानों के जंगलों में पर्यटक घूमने आते है। नागपुर शहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर का शहर बनाने की जोरदार तयरियां भी की जा रही है।जैसा कि नागपुर को ऑरेंज सिटी, जीरो माइल के साथ टाइगर कैपिटल का दर्जा भी दिया जा चुका है। पिछले दिनों नागपुर में चिता, बाघ के शहर में प्रवेश करने पर शहरवासियों में दहशत का वातावरण अनेक बार निर्माण हुआ।
कुछ दिनों से कोराड़ी पॉवर हाउस, चंद्रपुर के जंगल से शेर, सिंह, बाघ के सड़क पर रात्रि में विचरण करने का वीडियो भी वायरल हुआ है। साथ ही छत्तीसगढ़ के रायपुर के जंगल सफारी के बाघ का प्लास्टिक मुंह में पकड़कर खींचते हुए भी एक वीडियो जारी हुआ। अनेक मर्तबा सुबह, दुपहर, शाम, रात्रि में बीच सड़क पर जंगली जानवरों का झुंड भी अचानक आता है। ऐसे समय सड़क से खुले वाहनों में दुपहिया, तीन पहिया ऑटो, साइकिल,पैदल चालकों के आवागमन में काफी दिक्कतें आती हैं। भारत सरकार के केन्द्रीय वनमंत्रालय से संबंधित अधिकारियों, राज्यों के वनमंत्रालयों को सुरक्षा के निर्देश जारी करना अत्यंत आवश्यक है।
बीच सड़कों पर जंगली जानवरों में सिंह,चिता,भालू,नीलगाय,हिरण, सांप आदि आने से ग्रामीणों, जंगल सीमा से लगे नागरिकों की जान चली जाती हैं। इसके लिए जंगल से लगी सड़कों पर विशेष जंगल सोल्जर, सशस्त्र महिलाएं, पुरुष पुलिस वनरक्षक विशेष रूप से तैनात किए जानें चाहिए। विशेष रूप से नागपुर की राष्ट्रीय महामार्ग और जंगल से जुड़ी सड़कों पर यह व्यवस्था जरूरी है। क्योंकि नागपुर यह टाइगर कैपिटल है।