महामारी की जीरो संख्या होने के बाद भी सावधानी जरूरी
महाराष्ट्र सरकार ने महामारी की तीसरी लहर खत्म होने की घोषणा !
नागपुर(आनंदमनोहर जोशी)। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कोविड - 19 की तीसरी लहर की खत्म होने की घोषणा हाल ही में रविवार को की है। साथ ही महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री ने मास्क लगाने संबंधित फैसले का सावधानी से नियम पालन करने की भी सूचना दी है। जबकि महाराष्ट्र राज्य में रविवार को कोविड के 893 नए मामले सामने आए है। स्वास्थ्य मंत्री का बयान विधानसभा में लिया जाना चाहिए। कारण की कोरोना जैसी महामारी के पूरी तरह से खत्म होने पर ही सभी प्रतिबंध खत्म करने होंगे।
सरकार के साथ साथ निजी क्षेत्र, सार्वजनिक क्षेत्र में मास्क लगाना लगभग बंद हो रहा है। जबकि नागपुर जैसे शहर में अभी भी 28 से 50 मामले रोजाना आ रहे हैं। राज्य सरकार के स्वास्थ्य मंत्री ने भी राज्य में रविवार 27 फरवरी को आठ नागरिक की मौत होने की जानकारी जालना में पत्रकारों को दी है। उपचाराधीन रोगियों की संख्या अभी शून्य पर नहीं आई है। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि उपचाराधीन कोरोना के मामले 9000 है।
विश्व में फैली बीमारी पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी बयान देकर कहा है कि कोरोना महामारी का खतरा अभी भी कायम है। विश्व स्वास्थ्य संगठन यहां तक कह रहा है कि कोरोना महामारी के नए वेरिएंट चौथी लहर के रूप में आ सकते है। अब जब कि बूस्टर डोज 60 साल के ऊपर वाले आयु वर्ग को देने के बाद भी महाराष्ट्र राज्य में महामारी से मौत के 893 मामले आ रहे है। और महामारी से रविवार को राज्य में 8 मरीजों की जान गई है।
अब जबकि बच्चों के टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी तरह बाकी है। ऐसे समय तीसरी लहर खत्म होने का बयान मंत्रीमंडल और विपक्ष को विश्वास में लेकर विधानसभा में लिया जाना चाहिए। अन्यथा महामारी के बढ़ने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। राष्ट्रीय स्तर पर भी कोरोना महामारी के मामले पुरी तरह खत्म नहीं हुए है। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर महामारी से मरनेवाले नागरिकों की संख्या शून्य नहीं हुई है। अतः महामारी की संख्या के पूरी तरह खत्म होने और सौ प्रतिशत दोनों टीकाकरण के बाद ही केंद्र और राज्य सरकार को उचित निर्णय लेना होंगा।
अभी भी भारत के पांच राज्य के चुनावी मैदान में हजारों लोग बिना मास्क के प्रचार में शामिल हो रहे है। साथ ही देशभर के भीडवाले सरकारी कार्यालय, निजी दुकानों, संस्थानों, सार्वजनिक स्थानों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड सहित अनेक जगह मास्क पहनकर जाना धीरे धीरे कम होने लगा है। बिना मास्क के लोगों की संख्या भीड़ में बढ़ रही है। उचित दूरी सेनेटाइजर लगाना भी बंद हो चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के निर्देश का पालन यूक्रेन, रूस युद्ध के दौरान भी नहीं हो रहा है। विमानयात्रा के दौरान भी मास्क, उचित दूरी, सैनिटाइजर सभी सावधानी को नजरंदाज किया जा रहा है। महामारी के जीरो होने तक बेहद सावधानी रखना भी जरूरी है। साथ ही सभी को स्वास्थ विशेषज्ञों की भी राय लेनी होंगी।