आने वाली पीढी को उपदेश नहीं, हमको आदर्श जीवन प्रस्तुत करना होगा : शरद बागडी
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नागपुर। महाराष्ट्र प्रदेश माहेश्वरी सभा अंतर्गत मराठवाडा विभाग, संस्कार संस्कृति संवर्धन समिति द्वारा रविवार 13 मार्च को आयोजित ‘परिसंवाद – पारिवारिक समरसता..’ इस विषय पर नागपुर निवासी शरद गोपीदासजी बागड़ी इनका झूम मीटिंग के माध्यम से व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाराष्ट्र प्र. माहेश्वरी स. मराठवाडा विभाग उपाध्यक्ष संजय दाड द्वारा दीप प्रज्वलन तथा महेश वंदना से हुआ।
अतिथियों का स्वागत तथा प्रस्तावना समिति संयोजिका सौ. कल्पना मालू इन्होंने की। जिसमें उन्होंने गत दो वर्ष में समिति द्वारा लिए गए विविध समाज प्रबोधन कार्यक्रमों की जानकारी सभी के सम्मुख रखी। प्रमुख अतिथी संजय दाड इन्होंने सभागृह को आशीर्वचन दिए तथा विशेष अतिथि महाराष्ट्र प्र.मा.स. मराठवाडा विभाग संयुक्त मंत्री संजय मंत्री इन्होंने अपना मनोगत सभी श्रोताओं को प्रेरित करते हुए समिति को भविष्य में भी यही उर्जा बरक़रार रखेने हेतु शुभेच्छाएं दी।
प्रमुख वक्ता शरद बागडी का परिचय अनोखे अंदाज में व्हिडिओ चलचित्र द्वारा समिति सह-संयोजक सीए पवनकुमार झंवर ने कराया। उसके बाद समिति संयोजिका सौ. कल्पना मालू एवं सह-संयोजक सीए पवनकुमार झंवर इनके द्वारा पूछे गए 10 - 12 सवालों पर प्रमुख वक्ता शरद बागड़ी ने बड़ी सरल, सटीक तरीके से तथा व्यक्तिगत अनुभवों का उदहारण देके सभागृह को मार्गदर्शित किया। प्रमुख वक्ता शरद बागडी ने अपनी आज तक की समाज सेवा तथा देश विदेश में पाए गए सन्मान को अपनी माता - पिता की चरणों में अर्पण किया।
परिवार, समाज तथा देश में आज अधिकार सभी को चाहिए मगर जिम्मेदारी कोई लेना नहीं चाहता इस प्रश्नपर वक्ता ने कहा की.. आज हमें आनेवाली नयी पीढ़ी के सामने कुछ अच्छा काम करके आदर्श रखना जरुरी है। तभी हम उन्हें जिम्मेदारी से आगे बढ़ने के लिए सिख दे सकेंगे। आज संयुक्त परिवार का न होना, हम सब के परेशानी का कारण हो रहा है, उसी के साथ घर को स्वर्ग बनाने हेतु, हमें न सिर्फ लड़कियों को बल्कि लड़कों को भी समानता से समय-समय पर उचित मार्गदर्शन करना बहुत जरुरी है इस विषयपर उन्होंने चर्चा की।
हमें हमारे समाज में जो कमजोर व्यक्ति हैं, उन्हें बढ़ावा देना, उनकी मदद करना बेहद जरुरी है, इस बातपर उन्होंने सभी को दिशानिर्देश किया। उसी के साथ घर के बुजुर्गों का ध्यान रखना तथा जीवन में कठिन मोड़ पर उनसे योग्य विचार-विनिमय करना जरुरी है। तथा हमें भगवान महेश का सिर्फ गुणगान न करते हुए उनके गुणों को अपने आप में उतारने की सीख उन्होंने सभी श्रोताओं को दी। इस परिसंवाद का लाभ संपूर्ण महाराष्ट्र के विविध प्रदेश, जिला, तालुका पदाधिकारी तथा श्रोताओं के साथ देश विदेश से जुडे श्रोताओं ने लिया।
कार्यक्रम की झूम लिंक तथा आमंत्रण पत्रिका का कार्य सौ. अंजलीजी तापडिया ने किया तथा तकनिकी सहकार्य प्रचार-प्रसार मंत्री ओमप्रकाश बजाज इन्होंने बखूबी निभाया। कार्यक्रम का सूत्र संचालन तथा आभार प्रदर्शन का कार्य समिति सह-संयोजिका सौ. सरोज गट्टाणी इन्होंने बड़ी सुंदरता से किया। संयोजिका सौ. कल्पना मालू, सह-संयोजक श्रीमती मंगला बिर्ला, सौ. सरोज गट्टाणी, सीए पवनकुमार झंवर आदि के प्रयासों से कार्यक्रम सफलतम हुवा।