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उभरते सितारे में 'मंज़िलों के ख़्वाब' संगीतमय कार्यक्रम



नागपुर। विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मेलन का उपक्रम 'उभरते सितारे', जिसके अंतर्गत 'मंज़िलों के ख़्वाब' संगीतमय कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसकी प्रस्तावना संयोजक युवराज चौधरी ने रखी। 

जिसमें, अपने बच्चों के भविष्य को लेकर हर मां बाप यह सोचते हैं कि उनका बच्चा डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर, एडवोकेट, आइएएस बने। जिसके लिए वे सपने भी देखते हैं और उन सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत भी करते हैं। क्योंकि, सब की मंजिल अलग अलग होती है। 

मंजिलों के ख्वाब की विषद भूमिका उन्होंने रखी। कार्यक्रम में थीम से चयनित कुछ बच्चों का सह संयोजिका वैशाली मदारे और कृष्णा कपूर ने सम्मानित किया। 

मंजिलों के ख़्वाब थीम पर आधारित वंशिका नाईक, ज्ञानेश्वरी पाटील, किमया नन्हई, आर्यन डोंगरे, श्रद्धा चिंचालकर, पुलत्स तरारे, अर्चिता लखोटे, मनीषा पाड़िया, रौनक रूंगटा, राम बागल, मीनाक्षी केसरवानी, योगिता तरारे, आनंद डोंगरे, घनश्याम नन्हई, राजेश प्रसाद, धनंजय गाडे ने शानदार गीतों की प्रस्तुति दी। 

कल्याणी बागड़ी और भानवी सिल्लोरे ने शानदार नृत्य की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में कृष्णा कपूर ने सहयोग किया। कार्यक्रम का संचालन वैशाली मदारे ने किया तथा आभार युवराज चौधरी ने व्यक्त किया।
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