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अखिल भारतीय नागरी लिपि निबंध प्रतियोगिता के परिणाम घोषित


नागपुर/पुणे। नागरी लिपि के प्रचार-प्रसार में विगत 47 वर्षों से निरंतर कार्यरत एकमात्र संस्था नागरी लिपि परिषद के प्रतिष्ठित वार्षिक आयोजन अखिल भारतीय नागरिक लिपि निबंध प्रतियोगिता 2021-22 के परिणाम घोषित कर दिए गए। 

प्रथम पुरस्कार भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, बेंगलुरु (कर्नाटक) के राजभाषा प्रबंधक श्रीयुत श्रीनिवास राव ने प्राप्त किया। 

द्वितीय पुरस्कार आरके देसाई शिक्षा महाविद्यालय वापी (गुजरात) के हिंदी विभाग के प्राध्यापक डॉ. जयंति  लाल वी. बारीस, 

तृतीय पुरस्कार ढेंकनाल (ओड़िशा) की सुश्री इंद्राणी बिस्वाल और प्रोत्साहन पुरस्कार डिलाई (उत्तर प्रदेश) की सुपरिचित हिंदी साहित्यकार श्रीमती रजनी सिंह और औरंगाबाद महाराष्ट्र की डॉ. शेख सैबा शिरीन को घोषित किया गया। 

नागरी लिपि परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व कुलपति डॉ. प्रेमचंद पातंजलि की अध्यक्षता में गठित आयोजन समिति में परिषद के महामंत्री डॉ. हरिसिंह पाल और आकाशवाणी के पूर्व अधिकारी एवं परिषद के कार्यालय मंत्री श्री. अरुण कुमार पासवान सदस्य रहे। अखिल भारतीय नागरिक लिपि निबंध प्रतियोगिता के निर्णायकों में केंद्रीय हिंदी निदेशालय भारत सरकार के पूर्व उपनिदेशक, आकाशवाणी के पूर्व अधिकारी श्री. अरुण कुमार पासवान और प्रसिद्ध लेखक एवं आर्ष क्रांति के प्रधान संपादक श्री. अखिलेश आयेंदु रहे। नागरी लिपि परिषद के नियमानुसार हिंदीत्तर क्षेत्र के प्रतियोगियों को अधिमान्यता दी गई। 

निबंध प्रतियोगिता के आयोजन में नागरी लिपि परिषद के कार्याध्यक्ष एवं पूर्व प्राचार्य डॉ. शहाबुद्दीन शेख, महामंत्री डॉ. हरिसिंह पाल और पीसी वागला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. महेंद्र पाल सिंह, हाथरस (उत्तर प्रदेश) का विशेष सहयोग रहा। इस प्रतियोगिता में अन्य प्रतियोगियों में शासकीय माल कर्मा कन्या महाविद्यालय, महासमंद (छत्तीसगढ़) की हिंदी विभाग की प्रोफेसर डॉक्टर सरस्वती वर्मा, एकता शिक्षण मंडल कला महाविद्यालय बिड़किन (औरंगाबाद, महाराष्ट्र) के हिंदी विभाग अध्यक्ष डॉ. शेख मुखत्यार वहाब और पीसी वागला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, हाथरस (उत्तर प्रदेश) की सुश्री सोनम कुमारी एवं रूमल रहीं। 

इन्हें परिषद की ओर से प्रतिभागिता प्रमाणपत्र, जबकि विजेता प्रतियोगियों को प्रमाण पत्र एवं निश्चित नकद धन राशि दी जाएगी। इन प्रतियोगियों को क्रमशः विश्व लिपि के रूप में नागरी लिपि, भारत की राष्ट्रीय एकता में नागरी लिपि की भूमिका, सूचना प्रौद्योगिकी एवं नागरी लिपि तथा लिपि विहीन भाषाओं के लिए नागरी लिपि के प्रयोग की सार्थकता विषय पर निबंध लिखने को कहा गया था। स्तरीय एवं उत्कृष्ट लेखों को नागरी संगम में प्रकाशित किया जाएगा।

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