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प्राचीन सिंधु संस्कृति हमारी विरासत : फडणवीस


तीन दिवसीय मेले का समापन

नागपुर। इष्टदेव झूलेलाल का महोत्सव सिर्फ मेला नहीं बल्कि भारतीय सिंधु सभा द्वारा नागपुर वासियों को हमारी पुरातन एवं उच्च कोटि की सभ्यता के दर्शन कराए जा रहे हैं। उक्त विचार पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दयानंद पार्क, जरीपटका में भारतीय सिंधु सभा द्वारा आयोजित मेले में व्यक्त किये. चेट्रीचंड्र मेले में मंच पर पूर्व पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, पूर्व विधायक मिलिंद माने, भारतीय सिन्धु सभा के नागपुर शहर के अध्यक्ष घनश्याम कुकरेजा प्रमुख रूप से उपस्थित थे। इष्टदेव झूलेलाल जयंती की एवं मेले की बधाइयां देते हुए कहा कि भारतीय सिंधू सभा, नागपुर पिछले 37 वर्षो से चेट्रीचंड्र का मेला मनाती आ रही है। 1979 में चेट्री चंड के दिवस पर हमारे भूतपूर्व उप प्रधान मंत्री लालकृष्ण आडवाणी के कर कमलों से भारतीय सिंधू सभा की स्थापना की गई। सिंधी समाज के अन्य गणमान्य व्यक्ति दादा झमटमल वाधवाणी, हरीराम समताणी, वासुदेव वलेचा व अन्य भी इस पुनीत कार्य में उनका साथ दे रहे थे। इन सभी के प्रयासों से सिंचित यह पौधा आज पूरे देश में भारतीय सिंधू सभा की करीब 350 शाखाएं कार्यरत हैं। 1979 में जिस समय भारतीय सिंधू सभा मुंबई की स्थापना हुई। ठीक उसी समय श्री अर्जुनदास कुकरेजा भारतीय सिंधू सभा के विदर्भ के संयोजक नियुक्त किये गए। उन्होंने नागपुर आते ही भारतीय सिंधू सभा की शाखा स्थापना की। स्थापना से लेकर आज तक भारतीय सिंधू सभा समाज के हर वर्ग का ख्याल रखते हुए समाज सेवा के क्षेत्र में अग्रसर है। नागपुर की हर धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था के साथ मिलकर सिंधी समाज के विकास में योगदान देती है। समय समय पर सिंधी भाषा से संबंधित विषयों पर सेमिनारों का आयोजन करके सिंधी समाज को जागृत रखने की कोशिश करती है। संस्था द्वारा वर्ष भर कई कार्यक्रम किये जाते हैं। अंत में मैं भारतीय सिंधु सभा के सभी पदाधिकारियों को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने इतना भव्य मेला लगाकर न केवल सिंधी समाज अपितु सभी समाजों के लिए मिसाल पेश की है। स्थायी समिति के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र कुकरेजा, संजय चौधरी, प्रमिला मथरानी, मेला संयोजक सतीश आनन्दानी, सुषमा चौधरी, वंदना खुशालानी, राजू हिंदुस्तानी, अशोक केवलरमानी, मंजू कुंगवानी, किशोर लालवाणी, जगदीश वंजानी, किशन असुदानी, कमल मूलचंदानी, गुड्डू केवलरमानी, झूलेलाल मंदिर के महंत मोहनलाल ठकुर, चंदन गोस्वामी, राखी कुकरेजा, मीनाक्षी मेघराजनी, राशि वासवानी, रति वंजानी, कोमल खूबचंदानी, पूजा मोरयानी, संजय हेमराजानी, संजय वासवानी, राजेश झम्बिया, प्रदीप कुंगवानी, राजू ढोलवानी, अमर मयानी भी उपस्थित थे।

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