'कराओके' ऑनलाइन सिंगिंग प्रतियोगिता सीजन -3 का परिणाम घोषित
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Gr8 मेलोडीज़ एंटरटेनमेंट नागपुर की 3 से 17 जून तक चली गायन प्रतियोगिता
नागपुर। प्रतियोगिता का आयोजन प्रसिद्ध सिने कलाकार, निर्देशक देवेंद्र दोडके और प्रसिद्ध गायक और सामाजिक कार्यकर्ता शिवकुमार अवझे द्वारा सामाजिक कार्य के हिसाब से लोगों को लोकडाउन के दौरान सुकून मिले इस हिसाब से की गई थी। प्रतियोगिता 3 राउंड में आयोजित की गई थी।
प्रतियोगिता में महाराष्ट्र के नागपुर, चंद्रपुर, गढ़चिरौली, भंडारा, गोंदिया, वर्धा, पुणे, अहमदनगर, ठाणे, मुंबई और पंजाब, दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बंगाल सहित भारत के कई राज्यों के प्रतियोगियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता सभी के लिए खुली थी। इसलिए इसमें 7 साल से लेकर 75 साल की उम्र के प्रतियोगियों ने हिस्सा लिया।
इस अत्यधिक प्रतिस्पर्धी प्रतियोगिता के पहले दौर में 105 प्रतियोगी, दूसरे में 37 और तीसरे और अंतिम दौर में 14 प्रतियोगी थे।
फाइनल राउंड में 13 प्रतियोगियों ने भाग लिया। जिसमें से 7 प्रतियोगियों का चयन किया गया।
पहले 4 प्रतियोगियों को गोल्डन वॉयस नं. यदि 1,2,3 का ई-सर्टिफिकेट। 3 लोगों को प्रोत्साहन के लिए ई-सर्टिफिकेट दिए जाएंगे।
इस प्रतियोगिता का परीक्षण
1. डॉ प्रशांत गायकवाड़ : गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक और कई सम्मानों से सम्मानित।
2. सौ विना उकुंडे : ऑल इंडिया रेडियो - दूरदर्शन, बी- हाय कलाकार, संगीत विशारद, निदेशक - स्वरमंथन सुगम संगीत समूह, संगीत शिक्षक - विनायक राव देशमुख हाई स्कूल।
3. प्रोफेसर सौ. भारती लाटनकर : संगीत विशारद, थे।
फाइनल राउंड में सौ वीणा उकुंडे के स्थान पर भरत नरुले ने परीक्षण किया। खास बात यह है कि इन सभी ने इस सामाजिक कार्य में निशुल्क सेवा दी।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रणव हळदे, प्रथमेश गाडेकर, अयाती सूर्यवंशी, योगिता गाडेकर, निधि अवझे, संपदा अवझे, नमिता गाडेकर, सिमरन दोडके, स्वरंजलि गडेकर, आर्य भुजाडे और यशवंत चोपडे ने अथक परिश्रम लिए।
Gr8 मेलोडीज़ के अंतिम विजेता इस प्रकार हैं :
1. शाश्वत सिंह ठाकुर, बिलासपुर
गोल्डन वॉयस नं 1
2. अनन्या घोष, नागपुर
गोल्डन वॉयस नं 2
2. मधुकर दलवी, मुंबई
गोल्डन वॉयस नं 2
3. संजय फड़के, पंजाब
गोल्डन वॉयस नं 3
सांत्वना पुरस्कार :-
4. सोनाली येल्वटकर
5. प्रणीता पटनायक
6. श्रवण मोरसकर
पिछले साल के प्रतियोगियों ने जोरदार मांग की थी कि प्रतियोगिता हर साल आयोजित की जाए और आयोजन समिति ने इस पर विचार किया और इस साल भी प्रतियोगिता आयोजित की गई।
पिछले साल के परीक्षकों के साथ-साथ इस साल के मेंटर भरतजी नरूले, राजू व्यास और सुनील वाघमारे बहुत मददगार थे। आयोजक प्रत्येक प्रतियोगी को ई-सर्टिफिकेट देंगे।
