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अपने स्वास्थ्य की दिनचर्या से रहे फिट बने हिट : विशाखा सिंह


प्रसिद्ध योग थैरेपिस्ट, कलाकार, व्यवसाई, सफल गृहणी एवं समाजसेविका विशाखा सिंह, दिल्ली निवासी ने अपने जीवन की घटनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि हमें सुंदर और स्वस्थ रहना चाहिए और खानपान पर नियंत्रण बनाए रखना चाहिए पर यह बात कहना तो बहुत आसान है लेकिन उसका नियम बनाए रखना बहुत मुश्किल है। लेकिन जब आप एक मां हो तो यह सब संभालना बहुत मुश्किल हो जाता है। कहते हैं ना जब स्त्री एक ओर बच्चे को जन्म दे सकती हैं तो वह सब कुछ कर सकती हैं। ऐसे ही मेरे लिए भी यह सफर आसान नहीं था, लेकिन मैंने एक एक कदम बढ़ा कर अपना स्वास्थ्य और सुंदर रहने का सफर शुरू किया। 

शुरुआती दिनों में ही लगा कि बस अब नहीं कर सकती, नहीं हो पाएगा, नहीं कर पाऊंगी, लेकिन जब आपका जीवन साथी और आपके बच्चे आपका मनोबल बढ़ाएं तो मुश्किलें आसान लगने लगती हैं। इसी तरह से मैंने अपनी खुद की दिनचर्या सब कुछ बदल कर अपने आप में परिवर्तन किया है।

बात उन दिनों की है जब कोविड-19 के लॉकडाउन में मेरी सेहत और शरीर दोनों ही ऐसे बिगड़ते चले गए कि एक कलाकार, व्यापारी होने के बाद भी ऐसा लगने लगा था कि बस अब घर गृहस्थी और बच्चों को ही देखना बच गया है। बहुत ही ज्यादा वजन बढ़ने के कारण जिंदगी बिल्कुल उथल-पुथल हो गई थी। एक दिन में ना जाने कितनी दवाइयां लेनी पड़ती थी, कभी बीपी की, कभी माइग्रेन की तो कभी थायराइड की। जीवन ऐसा हो गया था कि दस कदम चलने के बाद ऐसा लगता था कि अब नहीं चल पाऊंगी। साथ ही इस कदर भूल जाती थी, शरीर में हर समय एक घबराहट और बेचैनी सी बनी रहती थी, तब मैंने सोच लिया था कि करो या मरो और मैंने एक ही रात में अपना जीवन बदल दिया। 

अपने जीवन को नियमित कर दिया और अगली सुबह से अपने जीवन में हर चीज का नियंत्रण बना लिया। समय से खाना, समय से सोना, समय से उठना और मैंने अपने कसरत के अलावा सही खान-पान और अच्छी आदतें और अच्छी दिनचर्या शुरू कर दी। 
शुरुआती दिनों में तो बहुत मुश्किल होता था लेकिन मैंने हार नहीं मानी, अपने व्यायाम को नियमित बनाए रखा। सुबह 5 से 6 बजे और शाम 6 से 7 बजे  का समय अपने लिए निकाला और अपने जीवन में अच्छे खान-पान का और हर चीज के समय को संभाले रखा। अपने स्वास्थ्य की दिनचर्या के सफ़र से चलते चलते 6 महीने बिता दिए। 

कहते हैं कि समय से सोना और उठना, दस किलोमीटर पैदल चलते जाना और सात्विक भोजन था। खानपान के दौरान अपने जीवन से चटर - पटर तैलीय पदार्थ और मीठी स्वादिष्ट मिठाईयां निकाल फेंकना इतना आसान नहीं था, लेकिन मुझे तो हिट से हिट होना था तो मैंने यह सब किया। लेकिन अपने आत्मविश्वास और लगन से मैंने अपने आप को स्वस्थ और सुंदर बना ही डाला। अपने जीवन से रोगों को उखाड़ फेंक डाला, डॉक्टर और दवाइयां दोनों ही दूर कर दिए और 6 महीने के सफर में अपने आप को फिट और हिट बना डाला। लगभग 25 किलो वजन अपने शरीर का कम करके दिखाया। आज मैं स्वस्थ, सुंदर और खुश हुई हूं, हार मान जाती तो यह सब संभव नहीं था। 

जैसे बूंद बूंद से घड़ा भरता है वैसे ही खाली हो जाता है। वह मैं हर महिला से यही कहूंगी कि अपने लिए 1 से 2 घंटे का समय जरूर निकालें, अपने आप को स्वस्थ बनाए। जैसे मनोबल बनाने वालों की कमी है वैसे ही मनोबल गिराने वालों की कोई कमी नहीं है। लोगों का काम है कहना तो लोग क्या कहेंगे, मुझे से नहीं हो पाएगा, मैं नहीं कर सकती को अपने जीवन से निकाल दीजिए और स्वस्थ जीवन जीने का सफर शुरू कीजिए, क्योंकि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती, फिट बने हिट बने। 
समाचार 4091054104669055764
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