प्रकाशित कृतियों पर साहित्यकारों का सम्मान समारोह संपन्न
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नागपुर। हिंदी मोर भवन के अर्पण सभागृह में 17 जुलाई को दिन के 2 बजे शैलेश साहित्य कुंज के द्वारा प्रकाशित कृतियों पर आयोजित सम्मान समारोह में आगरा, दिल्ली, मुजफ्फरनगर, छिंदवाड़ा, होशंगाबाद, नागपुर के साहित्यकारों के सम्मान समारोह में प्रमुख अतिथि एस एन विनोद वरिष्ठ संपादक, पत्रकार ,साहित्यकार ने कहा आज साहित्यकारों को संसद में कैद हो रहे शब्दों को असंसदीय करार देने पर व लोकतंत्र के गिरते मूल्यों पर, हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिलाने के लिए अपनी कलम को और पैनी करना होगा।
आज कई शब्द जैसे अपमान, भ्रष्टाचार, घड़ियाली आंसू असंसदीय करार देकर लोकतंत्र के मंदिर में कैद किए जा रहे हैं। इस पर लिखें।
अध्यक्ष डॉ़ गोविंद प्रसाद उपाध्याय ने कहा नागपुर शहर के ख्यातनाम साहित्यकारों के नाम पर संस्था द्वारा सम्मान देने, जैसे नागपुर के कोतवाल उमेश बाबू चौबे, कथाकार रज्जन त्रिवेदी ग़ज़ल कार डॉ हनुमंत नायडू, समाजसेवी हरिश अडयालकर व डॉ हरभजन सिंह हंसपाल के नाम पर सम्मान प्रदान करने को यथोचित कहा और यह संस्था के गौरव को बढ़ाएगा।
हिंदी की सेवा को प्रधानता देकर उसे राष्ट्रभाषा बनाने का प्रमुख अतिथि के संकल्प को हमें पूरा करना होगा ।यह आश्वासन लेखकों से उन्होंने लिया।
इसी क्रम में जबलपुर से पधारे समाजसेवी साहित्य प्रेमी और कार्यक्रम के अतिथि विनय कुमार शर्मा ने आयोजन की सफलता वर्षा ऋतु के तेज धार होने पर वहां उपस्थित लगभग 90 साहित्यकारों की उपस्थिति यह दर्शाती है की शैलेश साहित्य कुंज का यह यज्ञ अब अपनी गति ले रहा है। इसे सतत चालू रखने में अपने सहयोग देने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के छाया चित्र के माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर सरस्वती वंदना नगर की कवयित्री सुधा काशिव ने प्रस्तुत की ।प्रमुख अतिथि एस एन विनोद, अतिथि विनय कुमार शर्मा, अध्यक्ष गोविंद प्रसाद उपाध्याय का स्वागत क्रमशः डॉ शशि वर्धन शर्मा, डॉ फिरोज हैदरी कृष्ण नागपाल ने स्मृति चिन्ह शॉल पुष्प देकर किया।
इस अवसर पर डॉ शैलेश द्वारा संस्था की गतिविधियों पर अपनी प्रस्तावना में प्रकाश डाला और कहा यह आयोजन हर वर्ष करने का हमने संकल्प लिया है। इस अवसर पर प्रकाशित कृतियों की विभिन्न विधाओं पर मूल्यांकन समिति द्वारा प्रदत अंकों के आधार पर देश के साहित्यकारों का शॉल स्मृति चिन्ह प्रमाण पत्र 1100/- चैक व पुष्प देकर सम्मान किया गया। इसमें डॉ गोविंद प्रसाद उपाध्याय, डॉ सुषमा सिंह (आगरा), डॉ सुरेश धींगरा (दिल्ली), कृष्ण नागपाल, श्री राम मीणा (होशंगाबाद), गोवर्धन यादव, लक्ष्मण प्रसाद डेहरिया (छिंदवाड़ा), रामकुमार शर्मा रागी (मुजफ्फरनगर ), डॉ फिरोज हैदरी, मधु पाटोदिया, सुधा काशिव, मधु शुक्ला, माधुरी राऊलकर, कुमारी तस्नीम जाहेरी, डॉ कृष्ण कुमार द्विवेदी, पारसनाथ शर्मा, मनोहर गजभिए, विदिशा शर्मा, डॉ शशिकांत शर्मा, ओमप्रकाश शिव, जयप्रकाश सूर्यवंशी, हर्षवर्धन बुद्दाला का हुआ।
इसी के साथ शैलेश साहित्य कुंज के यूट्यूब चैनल में प्रस्तुत करने वाले सदस्यों का स्वागत स्मृति चिन्ह ,अंग वस्त्र व प्रमाण पत्र के साथ पुष्प प्रदान दे किया, प्रमुख रूप से टीका राम साहू आजाद, तेजवीर सिंह, शादाब अंजुम विजय कुमार श्रीवास्तव, इमरान फेज, जमील अंसारी, मीरा रायकवार, डॉ बालकृष्ण महाजन, कीर्ति शर्मा, राजेंद्र सिंह राज, सुरेंद्र हरडे, रवि कुलते, डॉ सोनाली कोलते के साथ छिंदवाड़ा के छह अन्य सहयोगियों का सत्कार किया गया।
कार्यक्रम का सफल संचालन अपनी छोटी - छोटी कविताओं के द्वारा डॉ शशि कांत शर्मा ने किया ।सम्मान प्राप्त लेखकों का संक्षिप्त परिचय तेजवीर सिंह, टीका राम साहू, कृष्ण कुमार द्विवेदी और विजय कुमार श्रीवास्तव ने दिया. अंत में नई कार्य समिति की सूचना के साथ सहमति प्रदान करने हेतु अनुरोध के साथ अतिथियों का आभार नरेंद्र परिहार ने व्यक्त किया।