लोकशाहीर अन्नाभाऊ साठे स्मृति दिवस पर 'लहू सेना' ने किया विनम्र अभिवादन
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अन्नाभाऊ साठे को 'भारत रत्न' पुरस्कार से करे सम्मानित : संजय कठाळे
नागपुर। साहित्य भूषण अन्नाभाऊ साठे के स्मृति दिवस के अवसर पर आज लहू सेना प्रमुख संजय कठाळे ने दीक्षाभूमि चौक पर प्रतिमा पर फूलों का गुलदस्ता अर्पित किया। स्मृति दिवस कार्यक्रम में लहू सेना प्रमुख संजय कठाळे ने कहा कि अन्नाभाऊ को मरणोपरांत 'भारत रत्न' पुरस्कार से सम्मानित किया जाना चाहिए।
महाराष्ट्र में मराठी साहित्य में आज तक जितने लेखक हुए हैं, उतने ही लेखक अन्नाभाऊ साठे ने अपने लेखन वाडःमया के माध्यम से मराठी साहित्य की दुनिया को समृद्ध करने और भारत का नाम दुनिया में लाने का ऐतिहासिक कार्य किया है। साहित्य के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अन्नाभाऊ के साहित्य का अनुवाद विदेशी भाषाओं जैसे रूसी, ज़ेप, जर्मनी, स्पेनिश, फ्रेंच आदि में किया गया है। भारत के बाहर अन्नाभाऊ एकमात्र मराठी साहित्य लेखक हैं जो एक लेखक के रूप में प्रसिद्धि के लिए आए हैं विश्व प्रसिद्धि उनके साहित्य ने अंतरराष्ट्रीय स्तर हासिल किया है।
अन्नाभाऊ साठे एक मानवतावादी लेखक होने के साथ-साथ एक विपुल लेखक, साहित्य के विचारक थे। शोषण की मुक्ति, लेखन के लिए अन्नाभाऊ की प्रवृत्ति थी, उन्होंने जीवन भर मेहनतकशों, दलितों, उत्पीड़ितों, वंचितों के शोषण को समाप्त करने के लिए संघर्ष किया। कठाळे ने की अन्नाभाऊ साठे को 'भारत रत्न' पुरस्कार से सम्मानित करने की मांग।
इस कार्यक्रम में महेन्द्र प्रधान, दिपक पवार, रंदिप बावने, खुशाल लोखंडे, नरेशकुमार चव्हाण, मनोहर कांबळे, मुरलीधर रंणखांम, नकूल ढोके, रवि पाखमोडे, राजु साळवे, राज संतापे, क्रिष्णा बावने, संजय कठाळे (केवळराम पिपळा), दिपक गायकवाड, सागर जाधव, शैलेश बावने, गणेश साळवे, रूपेश वानखेडे, प्रकाश वानखेडे, मारोती वानखेडे सचिन ठोसर उपस्थित थे।
