किसान शासन का लाड़ला कब बनेगा : रमेशचंद्र बंग
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किसान कर्जमाफी, बढ़ी हुई बिजली, गैस सिलेंडर दर और महंगाई कम करने के संबंध में राष्ट्रवादी कांग्रेस (श.प.) पार्टी का मुख्यमंत्री को निवेदन
नागपुर/हिंगणा। अमर्याद मेहनत करके किसान अन्नधान्य उगाता है और उस पर हम सब जीते हैं, लेकिन वही किसान दयनीय अवस्था में है और इसका एकमात्र कारण है कि केंद्र और राज्य की सरकारें चुनाव के समय किसानों को कर्जमाफी करने का बड़ा प्रचार करती हैं और घोषणाएँ करती हैं। सरकार को सत्ता में आए एक वर्ष हो गया है परंतु शासन ने कर्जमाफी का क भी नहीं किया।
यह कम क्या है कि किसानों को साधारण रासायनिक खाद उपलब्ध नहीं हो रही। ज़रूरी खाद खरीदने जाते समय दुकानदारों द्वारा लिंकिंग के नाम पर अन्य वस्तुएँ खरीदने को मजबूर किया जाता है। क्या यह किसानों पर अन्याय नहीं है? मेरा ग्रामीण क्षेत्र का किसान शासन का लाड़ला कब बनेगा – ऐसा सवाल पूर्व मंत्री रमेशचंद्र बंग ने सरकार से किया।
राष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार पार्टी की ओर से किसान, खेतमज़दूर, कामगार, युवक, विद्यार्थी, गृहिणी आदि की विभिन्न माँगों का निवेदन पूर्व मंत्री रमेशचंद्र बंग के नेतृत्व में तहसीलदार हिंगणा के माध्यम से राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को दिया गया।
निवेदन में किसानों की कर्जमाफी की जाए, किसानों की फसल बीमा की परतावें शीघ्र गति से दी जाएं, रासायनिक खाद पर लिंकिंग बंद की जाए और किसानों को ज़रूरी खाद पर्याप्त मात्रा में उचित दर पर उपलब्ध कराई जाए। बीज, खाद पर लगाए गए 18% जीएसटी कम की जाए, विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर लगाने के लिए उपभोक्ताओं पर ज़बरदस्ती न की जाए तथा अधिभार के नाम पर की जा रही वसूली बंद की जाए।
गांवठाण क्षेत्र में रह रहे आदिवासियों को स्थायी मालिकाना हक के पट्टे वितरित किए जाएं, आदिवासी किसानों के कब्ज़े वाली जमीन के पट्टे उन्हें दिए जाएं और जिन किसानों को पट्टे दिए गए हैं उनके सातबारा पर से महाराष्ट्र शासन का नाम हटाकर पूरी तरह किसानों के नाम किया जाए।
ग्रामीण भाग में इस वर्ष शुरू की गई 11वीं कक्षा की केंद्रीकृत प्रवेश पद्धति के कारण बड़े पैमाने पर गड़बड़ हुई है जिससे अनेक विद्यार्थी 11वीं प्रवेश से वंचित हैं। इसलिए ग्रामीण क्षेत्र में केंद्रीकृत प्रवेश पद्धति बंद कर पूर्ववत प्रवेश लिया जाए।
सस्ता अनाज दुकान से अंत्योदय योजना कार्ड धारक लाभार्थियों को प्रति परिवार एक किलो चीनी दी जाती थी, जो पिछले कई महीनों से बंद है। उसे तुरंत शुरू कर आने वाले त्योहारों में गरीबों का त्योहार मीठा किया जाए। और हिंगणा विधानसभा मतदारसंघ की मतदाता सूची में शामिल बोगस मतदाताओं को हटाया जाए – ऐसी माँगों का निवेदन दिया गया।
इस अवसर पर पूर्व विधायक विजय घोड़मारे (पाटिल), प्रदेश पदाधिकारी वेदप्रकाश आर्य, तालुकाध्यक्ष योगेश सातपुते, जिला परिषद नागपुर के राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के पूर्व गट नेता दिनेश बंग, सभापति कृ.उ.बा.स. बबनराव आव्हाले, सुनील बोंडाडे, मा.जि.प. सदस्य गोवर्धन प्रधान, प्रमोद बंग, विट्ठलजी कोहाड़, शहराध्यक्ष हरिभाऊ रसाळ, बी. एन. सिंह, नगरसेवक दादाराव इटनकर, प्रशांत सोमकुवर, प्रभाकर लेकुळवाले, हनुमान दूधबळे, सुनील निघोट, नीलद्वाज भाजीखये, प्रकाश मारस्कोळ्हे, बंडू चिखलखुंडे, सीताराम उईके, संतोष गव्हाळे, उमेश राजपूत, देवराव मसराम, दिलीप सोनकुसरे, ईशुलख्वा पठान, नरेश नारड, नारायण ढवळे, राजेंद्र गोतमारे, प्रेमलाल चौधरी, रामकिशोर महल्ले, सुशील दीक्षित, राजाभाऊ दुधबळे, नारायण ढवळे, केशव राऊत, सुरेश शेंडे, संदीप नेहारे, विठ्ठल हुलके, प्रदीप फलके, निखिल उमरेडकर, प्रफुल्ल काकडे, विलास भागवत, चंद्रबली यादव, रामशंकर गुप्ता, नंदकिशोर निवल, प्रेमलाल भालावी, हंसराज पाटील, अशोक खैरकर, जयराम राठोड़, ज्ञानेश्वर काकडे, रमेश बागडे, रश्मी शंभरकर, नलिनी शेरकुरे, यशोदा सावरकर, मेघा भगत, मीनाक्षी ढोले, गीता ढवळे, ममता लेकुरवाले, राज्जुबाई सोनोने, गंगाधर काचोरे, योगराज पराते, विलास वाघ, शेषराव उईके, शुभम जोध, बाबुरावजी येळने, दिलीप कुंभारे, आयुष सोनकुसरे, सतीश भोंगळे, श्रीधर पवार, प्रवीण पन्नासे, अशोक वैद्य, धर्मेंद्र ठाकरे, अक्षय काळे, शैलेश नागपुरे, मीना मेश्राम, नंदकुमार पुरी, शंकरराव भोंडगे, राहुल अंतुरकर, प्रेम सावरकर, ज्योती पारस्कर, प्रेम कुवर, नीरज पयासी, विक्रम धुरिया, सतीश पवार, वनिता वानखेडे, मूलचंद चव्हाण, लोकमन छपेरे आदि के साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और किसान प्रमुख रूप से उपस्थित थे।