ठंड के मौसम में गन्ना कटाई मजदूरों के लिए मानवता की पहल
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'जिव्हाळा मायेची ऊब' अभियान के अंतर्गत जनसहभाग से हजारों कंबलों का वितरण
नागपुर/उमरखेड। 'हम अपने महलों में आराम से सोते हैं, कुछ मजबूर भी हैं जो ठंड में रोते हैं'।
इन पंक्तियों की सार्थकता को चरितार्थ करते हुए, कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे गन्ना कटाई जैसे अत्यंत परिश्रमपूर्ण कार्य करने वाले मजदूरों के जीवन में मानवता की ऊष्मा पहुंचाने का कार्य इंटरनेशनल आइकॉन पुरस्कार एवं ISO प्रमाणित जिव्हाळा संस्था, उमरखेड द्वारा किया जा रहा है। जिव्हाळा संस्था द्वारा जनसहभाग से निरंतर संचालित “जिव्हाळा मायेची ऊब” इस सामाजिक अभियान के अंतर्गत गन्ना कटाई मजदूरों को ठंड से राहत मिले तथा उनके स्वास्थ्य की रक्षा हो, इस उद्देश्य से कार्यस्थलों पर जाकर हजारों कंबलों का वितरण किया जा रहा है।
गरीबी, पलायन और असुरक्षित जीवन से जूझ रहे इन श्रमिकों के लिए यह अभियान एक संबल बनकर उभरा है। इस अवसर पर जिव्हाळा संस्था के अध्यक्ष अतुल लताताई राम मादावार ने कहा, “जिव्हाळा मायेची ऊब” अभियान को संस्था पिछले आठ वर्षों से निरंतर जनसहभाग के माध्यम से चला रही है। इस पहल से हर वर्ष हजारों जरूरतमंद परिवारों को सहारा मिलता है। गन्ना कटाई मजदूरों के परिश्रम और पीड़ा को समझते हुए ठंड के दिनों में उनके जीवन में मानवीय संवेदना पहुंचाना ही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। सेवा ही हमारी पहचान है और समाज के अंतिम व्यक्ति तक ममता पहुंचाने का हमारा संकल्प अटल है।” उन्होंने आगे बताया कि संस्था द्वारा अत्यंत जरूरतमंद, गरीब, उपेक्षित, वृद्ध एवं भिक्षुक वर्ग की पहचान कर विभिन्न स्थानों पर जाकर सहायता सामग्री का वितरण किया जा रहा है।
इस अभियान में सहयोग करने वाले सभी दानदाताओं, पत्रकार साथियों, सामाजिक संस्थाओं, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का उन्होंने हृदय से आभार व्यक्त करते हुए अपील की कि “हम सभी मिलकर समाज में मानवता की यह ऊष्मा निरंतर फैलाते रहें।” यह अभियान केवल कंबल वितरण तक सीमित न रहकर, परिश्रमी श्रमिकों के जीवन में ममता, अपनत्व और सामाजिक जिम्मेदारी का सशक्त उदाहरण बन रहा है। कंबल प्राप्त होने के बाद मजदूरों के चेहरों पर दिखाई दिया संतोष और आनंद इस अभियान की आवश्यकता और सार्थकता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने जिव्हाळा संस्था के सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक मानवता पहुंचाना ही सच्ची सेवा है।
सेवा, संवेदना और समर्पण के मूल्यों पर आधारित जिव्हाळा संस्था भविष्य में भी गन्ना कटाई मजदूरों, वृद्धों, भिक्षुकों, जरूरतमंद, वंचित एवं उपेक्षित वर्गों के लिए इसी प्रकार के सामाजिक उपक्रम निरंतर संचालित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर जिव्हाळा संस्था के चंद्रकांत खेवलकर, रविंद्र रामधनी, अभय उबाळे, गन्ना कटाई मजदूर सहित अन्य कार्यकर्ता गन उपस्थित थे।
