Loading...

सिंधी लोक नृत्य 'भगत' ने मोहा दर्शकों का मन


राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद, नई दिल्ली तथा विदर्भ सिंधी विकास परिषद, नागपुर का संयुक्त उपक्रम

नागपुर। सिंधी लोक कलाओं में लोक नृत्य भगत लुप्त होने की कगार पर है इसे संजोकर रखना हर व्यक्ति का कर्तव्य है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद, नई दिल्ली तथा विदर्भ सिंधी विकास परिषद नागपुर ने संयुक्त रुप से सतरामदास धर्मशाला, जरीपटका में सिंधी भगत का रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्घाटन लोहित मतानी, डी. सी. पी. ट्राफिक पुलिस के हस्ते हुआ। प्रस्तावना विदर्भ सिंधी विकास परिषद के अध्यक्ष डाॅ. विंकी रुघवानी ने रखी। 


कार्यक्रम की कन्वेनर प्रमुख शिक्षाविद तथा राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद, नई दिल्ली की सदस्य डाॅ.वंदना खुशलानी थीं। मंच पर कलगीधर सत्संग मंडल के  डाॅ.गुरमुख ममताणी, विदर्भ सिंधी विकास परिषद के महासचिव पी.टी. दारा, डाॅ.जयेश शर्मा, भगत कंवरराम सेवा मंडल के अध्यक्ष सुरेश रोचलदास केवलरामानी, संत सतरादास धर्मशाला के अध्यक्ष मुरली केवलरामानी, नाट्य निर्देशक तुलसी सेतिया, लेखक किशोर लालवानी तथा समाजसेवी विजय केवलरामानी उपस्थित थे। सर्वप्रथम अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर इष्टदेव झूलेलाल तथा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। 

तत्पश्चात डाॅ. विंकी रुघवानी ने कार्यक्रम की प्रस्तावना पेश करते हुए कहा कि सिंधी भगत का कार्यक्रम हमारा लोक संस्कृति के प्रति प्रेम का परिचायक है। नागपुर में कई वर्षो पश्चात् भगत का कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। डाॅ.गुरमुख ममताणी ने जानकारी देते हुए बताया कि सिंध प्रदेश के घोटकी जिले के तालुका हयात् पिताफीन के संत तख्तलाल साहिब ने आज से 300 वर्ष पहले इस कला का प्रारंभ किया था। उसके बाद अमर शहीद संत कंवरराम ने इसे प्रसिद्धि दिलाई।  डाॅ.वंदना खुशलानी ने कहा कि भगत नृत्य नाटक व संवाद की एक शैली है जिसमें सिंधी संगीत का आनंद लिया जा सकता है। भगत नृत्य, नाटक तथा संगीत का मिला जुला रुप है। लोहित मतानी ने आयोजकों के इस प्रयास की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि समय समय पर इस प्रकार के आयोजन होते रहने चाहिये।

इसके बाद उल्हासनगर से आए अंतर्राष्ट्रीय कलाकार भगत अनिल और भगत थांवर ने भगत को नए कलेवर में पेश करते हुए खूब समा बांधा। दर्शक उनके हर गीत और नृत्य पर कदम से कदम मिलाकर झूमते रहे। तबले पर लखनऊ से पधारे पवन केवलानी ने संगत की, संगीत संयोजन राजेश काळे का था। 
कार्यक्रम का सफल संचालन विदर्भ सिंधी विकास परिषद के उपाध्यक्ष तुलसी सेतिया ने किया। महासचिव पी. टी. दारा ने आए हुए अतिथियों का आभार प्रकट किया।
समाचार 1634758727083895523
मुख्यपृष्ठ item

ADS

Popular Posts

Random Posts

3/random/post-list

Flickr Photo

3/Sports/post-list