जिंदगी में अपने लक्ष्य के उद्देश्य के लिए पूरी मेहनत करिए : दुर्गेशनंदिनी ठाकरे
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उभरते सितारे मे 'वैज्ञानिक दृष्टिकोण'
नागपुर। अपने माता-पिता को हमेशा सम्मान दें, उनका ख्याल रखें। अभी आप छोटे हैं तो मां- बाप आपका ध्यान रख रहे हैं, जब आप बड़े हो जाएंगे तब आप अपने मां-बाप का ध्यान रखना। वैज्ञानिक दृष्टिकोण के लिए अभी से आप हर चीज में क्या कारण है जरूर सोचिए। अभी मोबाइल हाथ में आ गया है तो सोचना और पढ़ना बहुत कम हो गया है। मोबाइल आवश्यकता अनुसार आप लोग थोड़ा- थोड़ा देखिए। तथा, हर चीज के पीछे क्या कारण है, ऐसा क्यों होता है, किस वजह से होता है, यह जरूर सोचना शुरू करिए। अपने मम्मी पापा को प्रश्न पूछते रहिए के इस चीज के पीछे क्या कारण है। और जिंदगी में अपना एक लक्ष्य बनाइये। उस लक्ष्य के उद्देश्य के लिए पूरी मेहनत करिए। ज्यादा पुस्तकें पढ़िए। यह विचार दुर्गेशनंदिनी ठाकरे ने बच्चों और उनके अभिभावकों के बीच रखें।
विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मेलन का नवोदित प्रतिभाओं को समर्पित उपक्रम 'उभरते सितारे' का आयोजन हिंदी मोर भवन के उत्कर्ष हॉल में किया गया। कार्यक्रम का विषय 'वैज्ञानिक दृष्टिकोण' पर आधारित शिक्षाप्रद, ज्ञानवर्धक और संगीतमय प्रस्तुतियों से भरा रहा। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप मे एनसीसी के पूर्व गर्ल्स कैडेट इंस्ट्रक्टर दुर्गेशनंदिनी पी. ठाकरे जी उपस्थित थी। इनका सम्मान संयोजक युवराज चौधरी और सहसंयोजिका वैशाली मदारे ने स्वागत वस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर किया। इस अवसर पर विशेष रूप से वैज्ञानिक दृष्टिकोण के अंतर्गत वासुदेव मोहाडीकर ने बच्चों को विज्ञान के बहुत सुंदर और सरल प्रयोग करके दिखाया और उन्हें समझाया।
तत्पश्चात, गीत संगीत से बच्चों की प्रस्तुतियां सराहनीय रही। जिसमें, विप्रो डांस एकेडमी से प्रांशी केशरवानी, अलीशा बंसोड़ तथा गुरुदेव नृत्य कला निकेतन से रूवी गिरे, गौरी फुंदे, गारवी कुकड़े आदि ने बहुत सुंदर नृत्य की प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया। निर्भय लाकुड़कर, देवांशी पटनायक, गौरी फुंदे, गारवी कुकडे, रूवी गिरे और आदित मिंज ने शानदार गीतों की प्रस्तुति दी।
बच्चों की प्रस्तुतियों को उनके अभिभावकों के साथ-साथ चित्रलेखा फूडे, प्रशांत धार्मिक, मीनाक्षी केसरवानी, गीता सुरेश मिंज, वीणा मोहाडीकर, तारा मोहाडीकर, शीला नेगे, सरिता लाकुड़कर, देवस्मिता पटनायक, सुनीता केसरवानी, साक्षी साहू, उज्जवला दिलीप शिरपुरकर, प्रकाश ठाकरे, कविता धवडे आदि ने बहुत सराहा। कार्यक्रम का संचालन सहसंयोजिका वैशाली मदारे ने किया। एवं, उपस्थित सभी दर्शकों, कलाकारों और बच्चों का आभार संयोजक युवराज चौधरी ने अपने शब्दों में व्यक्त किया ।



