नारी सक्षम है
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मैं कलयुग के नारी हूं हा मै 2
हा मैं सब पर ही भारी हूं
हा मैं कलयुग के नारी हूं
बेटी बनकर आंगन खेली,
उपवन मैंने महकाए हैं
बाबुल ने जो प्यार दिया है
भर झोली वह लौटआए हैं
हां भर झोली - - - - - -
मां बाबा की चिड़िया प्यारी,
कर दी तुमने परायई है
ना अबला ना बेचारी हूं
मैं कलयुग की नारी हूं 2
हां मैं सब पर भारी हूं
मायके से ससुराल जाकर
बस खुशियां ही लुटाई है
पत्नी बनकर सृजन किया है
मां बनकर हर्षाई हूं
बहू भाभी चाची मामी बनकर
रिश्ते मैं निभाऐ हैं।
ना अबला ना बेचारी हूं
मैं कलयुग की नारी हूं 2
हां मै सबपर भारी हूं।
जब मैंने द्वारे आकर के
पग धारा है बाहर दुनिया में
टीचर पायलट पुलिस बनकर
देश की व्यवस्था संभाली है
नेता बनकर काम किया जो
वह जनहित में जारी है।
ना बेचारी ना अबला हूं
मैं कलयुग की नारी हूं
हा मैं सब पर भारी हूं।
ट्रेन चलाती जहाज उड़ाती
ट्रैक्टर ट्राली ट्रक की भी चलाती
सीमा प्रहरी रक्षा करती
दुश्मनों का संघार भी
स्वयं अग्नि में जलकर भी मैं
अडिग हूं कर्तव्य पर्वत सी
ना अबला ना बेचारी हूं
मैं कलयुग की नारी हूं
मैं सब पर भारी हूं।
डॉक्टर हूं मैं चित्रकार भी
सेवा धर्मी ज्ञानी भी
लेना देना सब जानू हु
सहनशील प्रतिमूर्ति भी
जो छेड़े देखे वो मुझको
बन जाती हूं काली भी
ना अबला ना बेचारी हूं
मैं कलयुग की नारी हूं
हा मैं सब पर भारी हूं।
सुन लो मेरी बात मान लो
नारी से तुम उलझो मत
अधर्म अत्याचारी बन कर
गरिमा को मत बिगड़ो तूम
बहुत सह लियां मान किया है
अब मैं वह करना पाऊंगी
नहीं सुनोगे अब तो तुम
मैं विनाशिनी बन जाऊंगी
ना बिचारी ना अबला हूं
मैं कलयुग के नारी हूं
मैं सब पर भारी हूं
हां मैं कलयुग के नारी हूं
हां मैं कलयुग के नारी हूं सर
- मेघा अग्रवाल
नागपुर, महाराष्ट्र
