साहित्यिकी में लघुकथा सम्मेलन
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नागपुर। विदर्भ हिन्दी साहित्य सम्मेलन के साहित्यिकी में लघुकथा सम्मेलन का अत्यंत सफल आयोजन संपन्न हुआ। उपस्थित रसिक जनों ने एक से बढ़कर एक रचनाएं, स्वानुभव और संस्मरण सुनाये। अन्तर्राष्ट्रीय ख्यातिलब्ध नागपुर महिला क्लब की अध्यक्ष अनीता कौल बोस प्रमुख अतिथि मंचासीन रहीं।सरस्वती वंदन के पश्चात संयोजक हेमलता मिश्र मानवी और गजलकार माधुरी राऊलकर ने अतिथि का स्मृति चिन्ह और उत्तरीय से सत्कार किया।
आयोजन में दीपक गुप्ता ने बचपन के प्रेम आधारित लुकाछिपी रचना दी। माधुरी मिश्रा ने उत्कृष्ट स्वरचित लघुकथा उम्मीद सुनाई। नंदिता ने राम हनुमान संस्मरण बताया। ऊषा देऊलकर की आशा ऊषा निशा प्रतीकात्मक लघुकथा सराहनीय रही। अनीता गुप्ता ने सुंदर रूप से अपनी बात रखी। अमिता शाह ने एक किस्सा टपोरियों का हास्य संस्मरण से कक्ष को आल्हादित किया। देवयानी ने भिलाई में नौकरी संस्मरण सुनाया। रमेश मौंदेकर ने अच्छा आदमी लघुकथा से पूरे कक्ष को सम्मोहित कर दिया।
पूजा देउलकर ने अपनी बात रखी। आराधना शर्मा की लघुकथा तीन माताएं ने तालियां बटोरीं। माधुरी राऊलकर ने एक समझौता ऐसा भी उत्कृष्ट लघुकथा दी। संचालन के दौरान मानवी ने स्वरचित लघुकथाओं से कक्ष को बांधे रखा। प्रमुख अतिथि नागपुर महिला क्लब, आश्रिता महिला मंडल की अध्यक्ष अनीता कौल बोस ने मूल्य मिथक और किंवदंतियों पर सार्थक बात की और कहा कि भारतीय संस्कृति और त्यौहारों में कही जाने वाली कथायें लघुकथाओं का अच्छा स्त्रोत हैं। ग्रुप फोटो के पश्चात सदन के आभार के साथ आयोजन संपन्न हुआ।
