शैशवावस्था में आध्यात्मिक शिक्षा के महत्व पर विचारोत्तेजक परिचर्चा संपन्न
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नागपुर। नरेंद्र नगर स्थित मिनी मिरेकल्स स्पिरिचुअल प्लेस्कूल परिसर में दिनांक 29 मार्च 2026 (रविवार) को 'शैशवावस्था में आध्यात्मिक शिक्षा के महत्व' विषय पर एक सार्थक एवं विचारोत्तेजक परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, प्रशासनिक अधिकारियों एवं विचारकों ने सहभागिता करते हुए अपने बहुमूल्य विचार साझा किए।
परिचर्चा में प्रमुख रूप से प्रसिद्ध शिक्षाविद डॉ. विनोद आसुदानी, समाजसेवी रामनारायण मिश्रा, अतिरिक्त आयुक्त आयकर संजय अग्रवाल (IRS), विचारक राजेंद्र चांदोरकर, चार्टर्ड अकाउंटेंट आर. के. गनेड़ीवाल, कवि वसंत पारधी, समाजसेवी चंद्रशेखर गलगलिकर, व्यवसायी प्रेमप्रकाश दुबे, पत्रकार एवं फिल्म निर्माता डॉ. आनंद शर्मा, आईटी कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर अश्विन कुलकर्णी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से मंदार देव, इंद्रमणि सिंह, दीपक महाशीर, प्रसिद्ध वास्तु विशेषज्ञ डॉ. रुचि नाडकर्णी, लेखक यतींद्र नाडकर्णी एवं अन्य अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में डॉ. विनोद आसुदानी ने आध्यात्मिकता की मूल परिभाषा स्पष्ट करते हुए अनावश्यक आडंबरों एवं रिचुअल्स से बचने की आवश्यकता पर बल दिया। मंदार देव ने शैशवकाल से ही बच्चों में राष्ट्रवाद एवं राष्ट्रप्रेम के संस्कार विकसित करने की बात कही। राजेंद्र चांदोरकर ने बच्चों के साथ- साथ अभिभावकों की काउंसिलिंग को अत्यंत आवश्यक बताया, जबकि दीपक महाशीर ने इस अभिनव प्लेस्कूल को संचालित करने में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की।
समाजसेवी रामनारायण मिश्रा ने इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। चंद्रशेखर गलगलिकर ने अपने आशीर्वचन प्रदान किए तथा प्रेमप्रकाश दुबे ने ऐसे संवादों को निरंतर आयोजित कर नवाचारों को क्रियान्वित करने पर जोर दिया। डॉ. रुचि नाडकर्णी ने बच्चों में प्राकृतिक रूप से विद्यमान उच्च ऊर्जा स्तर को आध्यात्मिक साधनों के माध्यम से बनाए रखने और विकसित करने की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अंत में प्लेस्कूल की डायरेक्टर डॉ. (हॉन) निष्ठा नाडकर्णी ने सभी अतिथियों एवं सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
डॉ. निष्ठा नाडकर्णी का यह अभिनव प्रयास, जो शैशवकाल में मनोमस्तिष्क पर पड़ने वाले प्रभावों के दीर्घकालिक परिणामों पर आधारित है, समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल के रूप में उभर रहा है। यह पहल बच्चों के समग्र विकास में आध्यात्मिकता की भूमिका को पुनः स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अनूठे स्पिरिचुअल प्लेस्कूल एवं इसकी कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तृत जानकारी हेतु डॉ. निष्ठा नाडकर्णी से मोबाइल नंबर 9359928533 पर संपर्क किया जा सकता है।
