हिंगणा में महाराष्ट्र दिवस पर १०५ शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि
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आधुनिक महाराष्ट्र के शिल्पकार को दी गई मानवंदना
हिंगणा। संयुक्त महाराष्ट्र के आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले १०५ शहीदों की स्मृतियों को नमन करते हुए और राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय यशवंतराव चव्हाण के कार्यों का गौरव करते हुए नागपुर में महाराष्ट्र दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर यशवंतराव चव्हाण सेंटर, नागपुर के अध्यक्ष महेश बंग के हाथों संयुक्त महाराष्ट्र का 'स्वर्ण कलश' लाने वाले यशवंतराव चव्हाण की प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पित कर विनम्र अभिवादन किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए महेश बंग ने कहा कि, आज हम जो सुजलाम सुफलाम महाराष्ट्र देख रहे हैं, वह केवल स्वर्गीय यशवंतराव चव्हाण साहब की दूरदृष्टि और नीतियों के कारण ही संभव हो पाया है। महाराष्ट्र का इतिहास शौर्य और बलिदान का रहा है। १०५ शहीदों के बलिदान के कारण ही मुंबई सहित संयुक्त महाराष्ट्र का सपना साकार हुआ, वहीं चव्हाण साहब ने अपने प्रगल्भ नेतृत्व से इस राज्य को सांस्कृतिक, साहित्यिक और औद्योगिक आधार प्रदान किया। महाराष्ट्र की अस्मिता और संस्कृति को संजोते हुए उन्होंने समाज के अंतिम व्यक्ति के विकास पर विशेष ध्यान दिया। आज की युवा पीढ़ी को उनकी इस वैचारिक विरासत को आगे बढ़ाना चाहिए, यही उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
इस कार्यक्रम में शैक्षणिक क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति प्रमुखता से उपस्थित थे। इनमें स्व. देवकीबाई बंग विद्यालय एवं कनिष्ठ महाविद्यालय के प्राचार्य नितिन तुपेकर, नेहरू विद्यालय एवं कनिष्ठ महाविद्यालय के मुख्याध्यापक दिनकर लखमापुरे, साथ ही स्व. देवकीबाई बंग प्राथमिक शाला की मुख्याध्यापिका मंगला दुरबुडे सहित शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
