Loading...

सबसे प्यारी, सबसे निराली.. माँ


सबसे प्यारी, सबसे निराली, ममता की मधुर कहानी माँ।
प्रेम, त्याग, विश्वास की मूरत, ईश्वर की वरदानी माँ॥

'माँ' केवल एक शब्द नहीं,जीवन का मधुर एहसास है।
बिन बोले हर पीड़ा समझे, माँ ही तो सच्चा विश्वास है॥

ईश्वर हर पल साथ न रह पाए, तब माँ का उपहार दिया।
विशाल गगन-सा कोमल हृदय, ममता का संसार दिया॥

खुली आँखों से सपने बुनती, संतान सुखों में खोती है।
क्षमा, दया, करुणा की गंगा, हर पल मन में बहती है॥

तन अपना चाहे थक जाए, मन बच्चों में बस जाता है।
अपने सारे सुख-दुख त्यागे, मुस्कान उन्हीं में पाती है॥

माँ ही प्रथम गुरु हमारी, माँ ही सच्ची मित्र महान।
हर अंधियारे पथ में बनकर, चलती रहती दीप समान॥

माँ की गोदी स्वर्ग-सी लगती, बातों में मधुरिम जादू है।
प्रेम-पीयूष बरसाने वाली, माँ तो देवी का अवतार है॥

माँ से घर में खुशियाँ महकें, माँ से जग में उजियारा है।
माँ हो तो हर राह सरल है, माँ ही जीवन का सहारा है॥

आओ मिलकर शीश झुकाएँ, ममता का सम्मान करें।
मातृ दिवस के पावन अवसर, सब माताओं का वंदन करें॥

- रंजना इंद्रपाल सिंह ठाकुर 
   समाधान नगर, नागपुर
समाचार 8090638766331395950
मुख्यपृष्ठ item

ADS

Popular Posts

Random Posts

3/random/post-list

Flickr Photo

3/Sports/post-list