नागपुर में जलसंवर्धन पर कार्यशाला; जलदूतों की उत्साही भागीदारी
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नागपुर। जलसंवर्धन, नदियों और ऐतिहासिक कुओं के पुनरुद्धार के विषय पर जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से शनिवार को नागपुर में “वॉटर कंजर्वेशन – रिवर एंड वेल रिहैबिलिटेशन” विषय पर विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। द इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजिनियर्स (इंडिया), नागपुर लोकल सेंटर द्वारा नागपुर जलप्रेमी जलदूत समूह के सहयोग से नॉर्थ अंबाझरी रोड स्थित सभागार में दोपहर 3 बजे यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के पुष्पगुच्छ देकर स्वागत के साथ हुई। कार्यशाला में प्रमुख वक्ता के रूप में द इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजिनियर्स (इंडिया) के अध्यक्ष डॉ. संदीप श्रीखेडकर, वरिष्ठ पत्रकार एवं जल योद्धा पुरस्कार से सम्मानित नर्व स्टिमुलेशन थेरेपिस्ट डॉ. प्रविण डबली तथा आर्ट ऑफ लिविंग के मनीष बदियानी ने मार्गदर्शन किया।
डॉ. डबली ने ऐतिहासिक और सार्वजनिक कुओं के संरक्षण एवं पुनर्भरण पर विस्तार से जानकारी देते हुए जनसहभागिता से कम से कम एक कुआं स्वच्छ करने का आह्वान किया। साथ ही स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों के बीच जलसंवर्धन के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
डॉ. संदीप श्रीखेडकर ने चित्रों के माध्यम से खेतों में जलसंचयन, नदी-नालों के गहरीकरण से जुड़ी तकनीकी जानकारी प्रस्तुत की। मनीष बदियानी ने तालुका स्तर पर पारंपरिक नालों, नदियों और कुओं का अध्ययन कर जानकारी संकलित करने का आह्वान करते हुए बाढ़ की स्थितियों के पीछे के कारणों को भी स्पष्ट किया। इस दौरान सामूहिक प्रयासों से जलसंवर्धन आंदोलन को मजबूत करने का संकल्प व्यक्त किया गया।
कार्यशाला में यशदा द्वारा प्रशिक्षित लगभग 50 जलदूतों सहित नागपुर और वर्धा जिले के जलप्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। नेशनल जियोसाइंस अवॉर्डी डॉ. प्रखर कुमार और डॉ. प्रज्ञा माथुर कुमार की विशेष उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का प्रास्ताविक उमेश निनावे ने किया। संचालन नलिनी शेरकुरे ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन दिलीप दिवटे ने किया। कार्यक्रम के आयोजन में इंजि. जयंत जोशी का सहयोग प्राप्त हुआ। अंत में उपस्थित जलदूतों ने जलसंवर्धन के लिए सक्रिय रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।