असीमित अपेक्षाएं ही अनावश्यक खर्च की जननी है : जय भगवान शर्मा
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नागपुर। विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मेलन, हिंदी मोर भवन, झांसी रानी चौक सीताबर्डी, नागपुर में आयोजित किया गया। उपक्रम चौपाल के अंतर्गत संयोजक विजय तिवारी व सहसंयोजक हेमंत कुमार पांडे के मार्गदर्शन में ‘आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया’, इस विषय पर सुन्दर कार्यक्रम की प्रस्तुति हुई। इस कार्यक्रम में मंच पर प्रमुख अतिथि जय भगवान शर्मा उद्योगपति, विशेष अतिथि महेंद्र भार्गव समाज सेवक की उपस्थित रही।
सर्व प्रथम मां सरस्वती की वंदना की गई। ब्राम्हण संघ समाज सेवक डॉ. बच्चू पांडे व सहायक संयोजक हेमंत कुमार पांडे ने मुख्य अतिथि जय भगवान शर्मा का सम्मान चिन्ह व अंग वस्त्र देकर स्वागत किया। अभिनंदन मंच के डॉ कवि कृष्ण कुमार द्विवेदी ने विशेष अतिथि महेंद्र भार्गव का अंग वस्त्र देकर का स्वागत किया।
इस परिचर्चा में श्रीमती रजनी शर्मा, श्रीमती माधुरी राउलकर, मदनगोपाल बाजपाई, धीरज दुबे, एड. जगत वाजपेई, डॉ बच्चू पांडे, लक्ष्मी नारायण केसकर, डॉ कृष्ण कुमार द्विवेदी, रमेश मौदेकर, माया शर्मा, राम नारायण यादव ने अपने- अपने विचार व्यक्त किए।
मुख्य अतिथि जय भगवान शर्मा ने अपने उद्बोधन में मित्रों और परिवारों, की सलाह, आर्थिक नियोजन ही एक बहुत ही विश्वसनीय उपाय है। विषय पर सारगर्भित विचार रखे। विशेष अतिथि महेंद्र भार्गव ने अपेक्षाओं को सीमित रखना पारिवार में आर्थिक नियोजन की सलाह दी। सहसंयोजक हेमंत कुमार पांडे सफल संचालन किया व अंत आभार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सर्वश्री हरेंद्र प्रसाद, मुकेश मिश्रा, सौरभ शुक्ला, रवि शर्मा, भागवत पांडे, दिनेश बागड़ी, रमेश मौदेकर, पद्मदेव दुबे, विलास मोहरकर, दीवगम शर्मा, प्राचार्य अरविंद बागड़ी, यशवंत पाटिल, सुधाकर लोखंडे,श्रीमती अंजू पांडे की उपस्थिति रही।
