डायबिटिक एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया, नागपुर ने CKM हेल्थ कॉन्क्लेव पर CME का आयोजन किया
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नागपुर। डायबिटिक एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया ने बुधवार शाम को होटल सेंटर पॉइंट में CKM हेल्थ कॉन्क्लेव पर एक सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम का आयोजन किया।
इस कार्यक्रम का मुख्य फोकस मधुमेह (डायबिटीज़), मोटापा और उनसे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए नए उपचार विकल्पों पर था। डॉ. सुनील गुप्ता ने मधुमेह की देखभाल में सेमाग्लूटाइड (Semaglutide) की भूमिका पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान दिया और अपने व्यावहारिक अनुभव तथा मरीज़ों के परिणामों को साझा किया।
इस CME में टाइप 2 मधुमेह और मेटाबॉलिक डिसफंक्शन से जुड़ी फैटी लिवर बीमारी के शुरुआती उपचार पर केस स्टडी पर भी चर्चा की गई। वरिष्ठ डॉक्टरों और डायबिटोलॉजिस्टों ने इन चर्चाओं में भाग लिया।
चर्चा के मुख्य बिंदु:
• ब्लड शुगर को नियंत्रित करने और वज़न घटाने में सेमाग्लूटाइड के लाभ।
• भारत में मधुमेह और मोटापे का बढ़ता बोझ।
• जटिलताओं से बचने के लिए शुरुआती उपचार का महत्व।
• लिवर और हृदय संबंधी समस्याओं वाले मधुमेह रोगियों का बेहतर प्रबंधन।
• मरीज़ों की बेहतर देखभाल के लिए व्यावहारिक केस स्टडी पर चर्चा।
कार्यक्रम की शुरुआत अध्यक्ष डॉ. नितिन वडास्कर के स्वागत भाषण से हुई, जिन्होंने मधुमेह के मरीज़ों के लिए अद्यतन ज्ञान और बेहतर उपचार पद्धतियों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
माननीय सचिव डॉ. पूजा जाधव ने कहा कि ऐसे CME कार्यक्रम डॉक्टरों को चर्चा और सीखने के माध्यम से ज्ञान साझा करने और मरीज़ों की देखभाल में सुधार करने में मदद करते हैं।
कार्यक्रम का समापन डॉ. पूजा जाधव द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
इस कार्यक्रम में कई डॉक्टरों ने भाग लिया, जिनमें डॉ. मनोज कसलीवार, डॉ. नितिन शिंदे, डॉ. उत्कर्ष देशमुख, डॉ. विवेक गुप्ता, डॉ. आस्था मोटवानी, डॉ. पराग रहाटेकर, डॉ. कुणाल रूपवाने और डॉ. रोहित भांगड़िया शामिल थे।
