‘हो कोई भी धर्म, अच्छे हो हमारे कर्म’ इस विषय पर अभिनंदन मंच द्वारा परिचर्चा
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नागपुर। विदर्भ हिन्दी साहित्य सम्मेलन के उपक्रम अभिनंदन मंच (ज्येष्ठ नागरिकों का सम्मान) के अंतर्गत कार्यक्रम ‘हो कोई भी धर्म, अच्छे हो हमारे कर्म’ इस विषय पर परिचर्चा की सुंदर प्रस्तुति रही।यह आयोजन हिंदी मोर भवन रानी झांसी चौक में किया गया. प्रमुख अतिथि डॉ विशाल तिवारी प्रोफेसर प्लोटी इंजीनियरिंग कॉलेज नागपुर की मंच पर उपस्थिति रही।
अतिथि विशाल तिवारी का स्वागत, मदन गोपाल वाजपेई, एड. जगत वाजपेई, डॉ कृष्ण कुमार द्विवेदी ने अंगवस्त्र स्मृति चिन्ह से किया। प्रमुख अथिति ने अपने उद्बोधन में सर्वप्रथम विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मेलन के आयोजकों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की। तुलसी दास के रामयण के प्रसंग से ही राम और रावण के कर्म बताकर दिये गये विषय को सार्थकता पूर्ण ढंग प्रस्तुत किया। कोरोना काल में घटित घटनाओं के ऊपर ध्यान आकर्षित कराया कहा कि,मनुष्य बिना धर्म के कर्म कर ही नहीं सकता।
माधुरी राउलकर ने अपने गज़ल के अंदाज में विषय को केन्द्रित में रखकर अपनी पंक्तियां प्रस्तुत की। विजय तिवारी ने कहा परिवार को अच्छा संस्कार मिलेगा तो कर्म भी उतना ही अच्छा रहेगा। जैसा कर्म वैसा ही फल मिलता है। श्रवण कुमार शुक्ला ने कहा प्रार्थना के तौर -तरी के धर्म के मुताबिक बदलाव लाना पड़ेगा। स्वयं की सोच को बदलना होगा। तभी हमारे कर्म अच्छे होंगे।
धीरज दूबे ने कहा धर्म सुरक्षित रहेगा तो हम भी सुरक्षित रहेंगे। गुरूकुल की शिक्षा से बच्चों में उत्तम संस्कार देने से अच्छे कर्म से ही अच्छा फल मिलता है। हेमंत पांडेय ने कहा कि,हम अपने दैनिक -जीवन में धर्म का कितना पालन और महत्व दे रहे हैं। इस कलियुग के दौर में दिन पर दिन इंसानियत गिरती जा रही है।
मदन गोपाल वाजपेई ने कहा जो धर्म के आधार पर कर्म नहीं करता उसे कुकर्म कहा जाता है। कलियुग सभी युगो से अच्छा युग है इस युग में सिर्फ भजन - कीर्तन कर लेने से भगवान प्रसन्न हो जाते हैं। आपकी मनोकामना पूर्ण हो जाती है। अधिवक्ता जगत वाजपेई ने कहा सम्पूर्ण धर्मो की स्थापना कब और कितने समय तक रही। आगे कहा धर्म ही कर्म है। धर्म याने कर्तव्य होता है। धर्म के पहले सभ्यता आई। जीवन शैली के अनुसार ही धर्म को माना गया।
अभिनंदन मंच के संयोजक व संचालन डॉ कृष्ण कुमार द्विवेदी ने किया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई जिसमें धर्मेंद्र तिवारी, हरेंद्र प्रसाद, माया शर्मा, कृष्णा कपूर, ओम प्रकाश कहाते, आजम भाई सिंगर की उपस्थिति रही।आभार प्रदर्शन का दायित्व विजय तिवारी ने निभाया।

