पानीपुरी ठेलों पर दूषित रगडा और पानी से मंडरा रहा बीमारी का खतरा
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बळीराजा पार्टी के डॉ. शेखर दंताळे ने की सख्त कार्रवाई की मांग
नागपुर। शहर में सड़कों के किनारे लगने वाले पानीपुरी के ठेलों पर स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। बळीराजा पार्टी के विदर्भ महासचिव व शहर प्रभारी डॉ. शेखर दंताळे ने मनपा प्रशासन और खाद्य विभाग (FDA) से इन ठेलों की तत्काल जांच कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
डॉ. शेखर दंताले ने स्वास्थ्य सुरक्षा पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कई ठेले वाले सुबह का बना हुआ आलू का रगडा (मसाला) देर रात तक ग्राहकों को परोसते हैं। इस रगड़े को आकर्षक दिखाने के लिए उसमें खतरनाक पीले रासायनिक रंगों का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है, जो सेहत के लिए बेहद हानिकारक है। इसके अलावा, सुबह काट कर रखा गया प्याज देर शाम तक खुला छोड़ दिया जाता है, जिससे उसमें बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है।
महीनों पुराना पानी और खजूर की चटनी का मिठा पानी बच्चो को खाने के लिये पाणी पुरी के साथ दिया जाता है डॉ. शेखर दंताले ने आगे बताया कि पानीपुरी के लिए इस्तेमाल होने वाली खजूर की मीठी चटनी को महीनों तक और खट्टा- तीखे पानी को कई दिनों तक स्टोर करके रखा जाता है। फ्रिज या उचित रख रखाव न होने के कारण यह पानी दूषित हो जाता है, जिससे लोगों को पेट दर्द, फूड पॉइजनिंग और डायरिया जैसी गंभीर बीमारियां हो रही हैं।
एक ऎसा ही पुराना मामला जो की डॉ. शेखर दंताळे और उनके मित्रो द्वारा कारवाई की गई थी उस स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करते हुये किस तरह नागपुर स्थित सक्करदरा- नंदनवन 'मथुरवासी चाट सेंटर' को सड़क पर बह रहे गंदे पानी का इस्तेमाल करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था, और पुरे महाराष्ट्र मे उसका व्हिडीओ भी वायरल हुआ था तब भी डॉ. दंताळे व इनके मित्रो ने ठेला बंद करवाया था जिसके बाद पुलिस शिकायत कर उसे बंद कराया गया था। उन्होंने अंदेशा जताया कि ऐसे कई मिलावटखोर अब नाम बदल- बदलकर फिर से सक्रिय हो रहे हैं, जिन पर कड़ी नजर रखना जरूरी है।
