नारी संस्कारों का पुंज और समाज की आधारशिला है : घनश्यामदास कुकरेजा
राष्ट्र सेविका समिति के दीपावली स्नेह-मिलन में 160 जरूरतमंद महिलाओं को वस्त्र एवं मिठाई वितरित
नागपुर। राष्ट्र सेविका समिति, जरीपटका शाखा की ओर से हीरानंद धर्मशाला में दीपावली स्नेह- मिलन समारोह का आयोजन किया गया। भारतीय सिंधु सभा के राष्ट्रीय संरक्षक दादा घनश्यामदास कुकरेजा की अध्यक्षता तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, सदर भाग के संघचालक अनिल भारद्वाज एवं नागपुर महानगर सहकार्यवाहिका भावना भगत के प्रमुख आतिथ्य में आयोजित इस कार्यक्रम में 160 जरूरतमंद महिलाओं को साड़ी, सलवार-सूट एवं मिठाई वितरित की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारतमाता एवं इष्टदेव झूलेलाल की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और पुष्पार्पण से हुआ। रूबी दास ने ‘शुभं करोति कल्याणम’ वंदना प्रस्तुत की। भावना भगत ने अपने संबोधन में कहा कि मां बच्चों में संस्कारों के निर्माण का सबसे सशक्त माध्यम है और राष्ट्र सेविका समिति भारतीय संस्कृति के संस्कारों के संवर्धन का महत्वपूर्ण केंद्र है।
अध्यक्षीय उद्बोधन में दादा घनश्यामदास कुकरेजा ने कहा कि जिस समाज में नारी का सम्मान होता है, उसका कभी पतन नहीं हो सकता। नारी संस्कारों का पुंज, समाज की आधारशिला और राष्ट्र की निर्मात्री है।
इस अवसर पर अनिल भारद्वाज, रूबी दास एवं नगरसेविका प्रमिला मथरानी सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे। आयोजन की सफलता में ईश्वरी डेम्बला, डॉ. मंजू कुंगवानी, डिंपी बजाज, डॉ. गीता हरवानी, अधिवक्ता उषा दानी, राशि वासवानी, जगदीश वंजानी, सीमा मेश्राम, अजय गायकवाड़ एवं गिरिधारी गुरनानी ने सहयोग किया। संचालन डॉ. सोनू जेसवानी ने किया।
