शरीर से अलग हुए अंगों को भी जोड़ा जा सकता है : डॉ. शैलेश निसळ




नागपुर। किसी दुर्घटना के कारण यदि शरीर के हाथ ,पैर , कान, उंगली जैसे  अंग कट कर अलग हो जाए या हड्डी, चमड़ी, मांसपेशी  क्षत-विक्षत हो जाए  तो उन्हें प्लास्टिक सर्जरी द्वारा जोड़ा जा सकता है, बस समय पर चिकित्सा ज़रूरी है। यदि दुर्घटना के 6 घंटे के भीतर शल्य क्रिया प्रारंभ कर दी जाती है तो सफलता की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है- ये विचार थे सुप्रसिद्ध प्लास्टिक सर्जन व स्पर्श क्लीनिक्स के डायरेक्टर डॉ. शैलेश निसळ के जो उन्होंने विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मेलन के लोकप्रिय कार्यक्रम संवाद में साहित्यकार डॉ सागर खादीवाला से बातचीत करते हुए व्यक्त किए। 


प्लास्टिक सर्जरी की बारीकियां से श्रोताओं को परिचित कराते हुए उन्होंने इस सर्जरी में उपयोग किए जाने वाले अति सूक्ष्म उपकरणों की जानकारी दी। प्लास्टिक सर्जरी  की विभिन्न श्रेणियां से श्रोताओं को अवगत कराते हुए उन्होंने त्वचारोपण व शरीर के अन्य हिस्से की हड्डी या पेशी निकाल कर दूसरे स्थान पर प्रत्यारोपित करने की प्रक्रिया भी विस्तृत चर्चा की। कॉस्मेटिक सर्जरी के संबंध में बात करते हुए उन्होंने बताया कि कॉस्मेटिक सर्जरी और प्लास्टिक सर्जरी में एक अंतर होता है। 


शरीर के अंगों की बनावट बदलने या उनमें निखार लाने के लिए कॉस्मेटिक सर्जरी का प्रयोग किया जाता है। प्लास्टिक सर्जरी के क्षेत्र में लंबे समय तक कार्य करने वाले डॉ. निसळ ने इस दौरान आए कई रोचक अनुभवों व कठिन केसेस का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम के दौरान श्रोताओं ने कई रोचक प्रश्न पूछे तथा डॉ साहब ने श्रोताओं की तमाम जिज्ञासाओं का बड़े विस्तार से समाधान भी किया ।कार्यक्रम में विभिन्न वर्ग के श्रोता तथा डॉक्टर्स विशेष रूप से उपस्थित थे।


लोकप्रिय खबरें

श्री नागपुर गुजराती ब्रह्मसमाज में घट स्थापना

डांगे महिला महाविद्यालय में उद्यमिता प्रकोष्ठ का शुभारंभ

करवा चौथ उत्सव में महिलाओं ने बिखेरे रंग