पार्श्वनाथ स्कूल में विद्यार्थियों ने साकार किए ऐतिहासिक किले



नागपुर। छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य, पराक्रम और महाराष्ट्र के गौरवशाली इतिहास से नई पीढ़ी को परिचित कराने के उद्देश्य से दिवाली के अवसर पर पार्श्वनाथ पब्लिक स्कूल एवं जूनियर कॉलेज, उदय फिजियोथेरेपी मेडिकल कॉलेज, अमरावती रोड, नागपुर के सहयोग से भव्य किला निर्माण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।



प्रतियोगिता में कक्षा 5 से 10 तक के विद्यार्थियों के साथ उदय फिजियोथेरेपी मेडिकल कॉलेज एवं श्री साई ताज पॉलिटेक्निक कॉलेज के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने मिट्टी, पत्थर और पानी से गिरिदुर्ग एवं जलदुर्ग की आकर्षक प्रतिकृतियां बनाईं। इनमें बुर्ज, मुख्य द्वार, मावले तथा छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमाओं के माध्यम से ऐतिहासिक वातावरण साकार किया। विद्यार्थियों ने शिवाजी महाराज, मावले, जीजाबाई, येसुबाई, साईबाई और हिरकणी की वेशभूषा भी धारण की।



इस अवसर पर उदय टेकाड़े, मप्र आयोजन समिति सदस्य डॉ. संजय बंगाले (पूर्व नगरसेवक), इतिहासकार डॉ. श्रीकांत पारखी, डॉ. आनंद मांजरखेड़े (दुर्ग अध्ययनशाला), डॉ. जगदीश बावनकर (दुर्ग निरीक्षक), प्राचार्य श्रीमती अन्नू पाल, श्री साई पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य कृष्णा विश्वकर्मा तथा फिजियोथेरेपी कॉलेज की प्राचार्य डॉ. सुप्रिया तांबे उपस्थित थे।


प्रो. माया नाइकूजी, प्रो. ईशा सातपुते, प्रो. उज्वला धोंगड़े, प्रो. रूपाली इंगले, प्रो. लता विश्वकर्मा, प्रो. नाजनीन खान एवं प्रो. प्रगति भलावी के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने पांच-पांच के समूह में किलों का निर्माण किया। प्रकाश, साक्षी चव्हाण, जोयना, बॉबी, कार्तिक ठाकुर, लकी मस्के, लावण्या बागड़े, भाविका शहारे, एकता रंगारी, सक्षम पैकराव, रतन वरथी, पालक प्रसाद, प्राजक्ता गजानन, काव्य दाते, निशान दाते, कुणाल मस्के, नमन बारंगे, मिट वानखेड़े, दिशा राउत, नव्या पटेल, संचाली बनकर, शौर्य मांगटे, वैष्णवी मस्के, त्रिशा झा, प्रभात मझिम, सान्वी पटेल, अलीशा गिदमारे, भूमि राउत, समीर बाविस्टाले, मंथन गुरपुड़े, दिव्यांश पारधी, अमित कलभूत, दिव्यांशु चाकुलकर, पूर्वी सोलंकी, कृषा राउत, खुशी किंकर एवं श्रवणी चव्हाण ने सहभागिता की।


इतिहासकारों एवं विशेषज्ञों ने निर्णायक की भूमिका निभाते हुए किलों की बनावट, ऐतिहासिक सटीकता और विद्यार्थियों की प्रस्तुति के आधार पर विजेताओं का चयन किया। समापन समारोह में संस्था के डायरेक्टर उदय टेकाड़े ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताओं से विद्यार्थियों में टीम भावना, रचनात्मकता और अपने गौरवशाली इतिहास के प्रति समझ विकसित होती है। विजेताओं को शील्ड, प्रमाणपत्र एवं ऐतिहासिक पुस्तकें प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन शिवगर्जना तथा ‘जय भवानी, जय शिवाजी’ के नारों के साथ हुआ।


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