२० दिसंबर को गृहमंत्री एवं जिलाधिकारी हो जाएंगे समधी !
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नागपुर। मतिमंद व मूकबधिर अनाथ यूवक - यूवती वर्षा और समीर का विवाह पूरे धूमधाम से करने के लिए गृह मंत्री अनिल देशमुख ने वर्षा के पिता के रूप में कन्यादान करने और जिलाधिकारी रवींद्र ठाकरे ने समीर के पिता के रूप में सारी रस्में पूरा करने की जिम्मेदारी स्वीकार की हैं।
इस तरह से गृह मंत्री और जिलाधिकारी इस जोड़ों का विवाह करवाकर समधी हो जाएंगे। इस जोड़ों की विवाह को रस्में शुरू हो गई है। जिलाधिकारी ठाकरे व उनकी पत्नी, ज्योतसना ठाकरे ने वर - वधु को अपने घर आमंत्रित कर रस्म की शुरुआत की है, वहीं अनिल देशमुख के निवास स्थान पर रिद्धि देशमुख ने नव वर - वधु का स्वागत किया है।
इस जोड़ों का विवाह २० दिसंबर को नागपुर में किया जाएगा। ठाकरे ने दिव्यांग जोड़ों के विवाह उत्सव को राष्ट्रीय महोत्सव के रूप में होने और दिव्यांगों के पुनर्वास के लिए सामाजिक जिम्मेदारी बढ़ाने की आशा व्यक्त की। २३ वर्ष पूर्व नागपुर के रेलवे स्टेशन में वर्षा लावारिस अवस्था में मिली थी। पुलिस ने उसे अमरावती के बडझर स्थित स्वर्गीय अंबादासपंथ वैद्य, मतिमंद, मुकबधिर अनाथालय के सुपूर्द कर दिया था।
समाजसेवी शंकरबाबा पापडकर ने उसे अपना नाम देकर मानस पुत्री बना लिया। उस शिक्षित कर स्वावलंबी बनाया। इसी तरह डोंबिवली में लावारिस स्थिति में २ वर्ष का बालक समीर मिला था। उसे भी पापडकर ने अनाथलय में सौंपा गया। उन्होंने उसे भी सातवीं कक्षा तक की की पढ़ाया और नौकरी लगवा दी। समीर अपने पैरों पर खड़ा हुआ तो उसने वर्षा से विवाह करने की इच्छा जताई। दोनों का परिवार बसाने के लिए उनके लिए स्वतंत्र घर की व्यवस्था भी पापडकर ने ही की।
हाल ही में गृह मंत्री अनिल देशमुख बालगृह को भेट गए थे। तब दोनों के विवाह का प्रस्ताव रखा गया। देशमुख वर्षा का कन्यादान करने को राजी हो गए और ठाकरे ने समीर के अभिभावक की भूमिका निभाने की जिम्मेदारी स्वीकार कर ली।
