विश्व हिंदी साहित्य सेवा संस्थान मनायेगा रजत वर्ष
नागपुर/पुणे। राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर की ख्याति प्राप्त स्वयं सेवी हिंदी स्वैच्छिक संस्था विश्व हिंदी साहित्य सेवा संस्थान, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश आगामी 15 जून , 2021 को अपने पचीस वर्ष पूर्ण कर रहा है। संस्थान ने पिछले 15 महीनों से कोरोना काल में विभिन्न उपक्रमों के माध्यम से हिंदी जनों को अपने साथ जोड़े रखा है।
विश्व हिंदी साहित्य सेवा संस्थान, प्रयागराज के आजीवन सदस्यों की बैठक संस्थान के अध्यक्ष प्राचार्य डॉ. शहाबुद्दीन नियाज़ मुहम्मद शेख,पुणे की अध्यक्षता में तथा सचिव डॉ. गोकुलेश्वर कुमार द्विवेदी, प्रयागराज के संयोजन में सम्पन्न हुई।
इस ऑनलाइन बैठक का सफल संचालन संस्थान की छत्तीसगढ़ इकाई की हिंदी सांसद डॉ. मुक्ता कान्हा कौशिक,रायपुर, छ. ग. ने किया। बैठक मे डॉ. अनसूया अग्रवाल, डॉ.सरस्वती वर्मा,महासमुंद, छ. ग., डॉ. पूर्णिमा झेंडे, नासिक, महाराष्ट्र, डॉ.अनीता पंडा, असम, डॉ. ए. प्रिया कोट्टायम, केरल, डॉ. सीमा वर्मा, डॉ. पूर्णिमा मालवीय, प्रयागराज, डॉ. ओमप्रकाश त्रिपाठी, श्री लक्ष्मीकांत वैष्णव, चांपा, छ. ग., डॉ. सुधांशु कुमार आदि सदस्यों ने अपने विचार रखे।
बैठक में तय हुआ कि संस्थान रजत वर्ष में 3 दिनों का ऑनलाइन समारोह आयोजित करेगा, जिसमें 13 जून 2021 को बाल संसद होगी। 14 जून 2021 को अतिथि विद्वानों के व्याख्यान, कवि सम्मेलन तथा 15 जून 2021 को मुख्य समारोह होगा। तीन दिवसीय ये सभी समारोह ऑनलाइन होगें।
संस्थान का ऑफलाइन समारोह कोरोना महामारी के पश्चात निश्चित रुप से होगा। श्रेष्ठ आलेखों तथा विविध विवरण सहित आकर्षक स्मारिका का प्रकाशन भी संस्थान करेगा। देश के लब्ध प्रतिष्ठित ग्यारह विद्वानों को रजत पदक से सम्मानित किया जाएगा।
