वीएसएसएस की बहनो ने टीजड़ी पर्व बेहद हर्षोल्लास से मनाया
परिवार की सुख शांति एवं कोरोना खात्मे के लिए रखा निर्जल उपवास
नागपुर। पूरे विश्व के सिंधी समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले एकमात्र संगठन विश्व सिंधी सेवा संगम के महाराष्ट्र अध्यक्ष प्रताप मोटवानी ने बताया कि मंगलवार को वीएसएसएस की महाराष्ट्र की महिलाओ की टीम ने पूरे महाराष्ट्र में टीजड़ी पर्व बेहद हर्षोल्लास से मनाया।
नागपुर में महाराष्ट्र महिला टीम की कार्याध्यष डॉ भाग्यश्री खेमचंदानी, और महासचिव सुनीता जेसवानी ने बताया कि महाराष्ट्र युवा टीम अध्यक्ष रीथ रूपानी के आध्यात्मिक सभागृह में बहनो ने टिजड़ी की कथा पढ़ कर यह पवित्र पर्व मनाया। कार्यकारी सचिव साक्षी थारवानी, सचिव विद्या बाखरू और कोषाध्यक्ष मुस्कान ठाकुर ने बताया कि टिजड़ी को कजली और हरियाली पर्व भी कहते है। इस दिन समाज की सुहागिनों द्वारा पति की दीर्घायु और परिवार में सुख शांति के लिए निर्जल उपवास रखा जाता है।
टीजड़ी कि कथा सुन चंद्रमा को अर्ध देकर पूजन कर भोजन ग्रहण किया जाता है। बहनो द्वारा माता को झूले में झुलाया जाता है। बहनो द्वारा हाथों में मेहंदी लगाकर सुहाग के सामानों की खरीददारी की जाती है। डॉ भाग्यश्री खेमचन्दानी ने बताया कि टीजड़ी पर्व कृष्ण पक्ष की तृतीय को मनाया जाता है। मान्यता है कि जिस लड़की की शादी तय हो जाती है उसे भी यह व्रत रखना चाहिए। कथा के पश्चात आरती की गयी, माता का झुलोत्सव पर्व मना कर पूरे परिवार की सुख शांति और पूरे विश्व से कोरोना महामारी के समाप्ति हेतु भी प्राथर्ना अरदास की गयी।
पूजा अर्चना और कथा में महाराष्ट्र महिला कार्याध्यक्ष डॉ भाग्यश्री खेमचन्दानी, महासचिव सुनीता जेसवानी, कार्यकारी सचिव साक्षी थारवानी, महाराष्ट्र युवा टीम अध्यक्ष रीथ रूपानी, सचिव विद्या बाखरू, कोषाध्यक्ष मुस्कान ठाकुर तथा गीता चावला, प्रिया जेसवानी, रिया रामचंदानी, रश्मि मोहनानी, दीपिका केवलरमानी, अनिता नागवानी, और युवा टीम उपाध्यक्ष निशिता ठाकुर सम्मिलित थे।
अंत मे झूलेलाल चालीसा के समापन के अवसर पर वरूण देवता की पूजा अर्चना आरती की और पल्लव अरदास के बाद मीठे चावल चना का प्रसाद बांटा। संचालन डॉ भाग्यश्री खेमचंदानी ने और व्यवस्था रीथ रूपानी, साक्षी थारवानी, विद्या बाखरू और अंत मे आभार सुनीता जेसवानी ने किया। महाराष्ट्र अध्यक्ष प्रताप मोटवानी का भी आभार प्रकट किया। सिंधी समाज के पर्व धूमधाम से मनाने के लिए उनके द्वारा प्रोत्साहित करने के लिए।


