ग्रेसियस कॉलेज ऑफ एज्युकेशन में मानसिक स्वास्थ्य पर संगोष्ठी
https://www.zeromilepress.com/2021/10/blog-post_18.html
नागपुर/पुणे। ग्रेसियस कॉलेज ऑफ एज्युकेशन, बेलभाठा, अभनपुर द्वारा मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में "मानसिक स्वास्थ्य" पर आभासी संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफ़ेसर मीता झा,मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष, पंडित रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी, रायपुर, छत्तीसगढ़ थी। विशिष्ट वक्ता डॉ मुक्ति मिश्रा, पूर्व प्राचार्य, छत्तीसगढ़ महाविद्यालय, रायपुर थी।
मार्गदर्शक ग्रेसियस कॉलेज ऑफ एज्युकेशन के डायरेक्टर डॉ. आशुतोष शुक्ला,को-डायरेक्टर श्रीमती भारती शुक्ला रही।
मुख्य वक्ता प्रोफेसर मीता झा, रायपुर छत्तीसगढ़ ने कहा कि शारीरिक स्वास्थ्य व मानसिक स्वास्थ्य दोनों एक ही सिक्के के पहलू हैं। मानसिक स्वास्थ्य की ओर हमें ध्यान देने की आवश्यकता है। कोरोना काल में हम सब डरे हुए थे। और यही डर मानसिक स्वास्थ्य को बिगाड़ता है। सबसे पहले हमें कोशिश करनी चाहिए कि किस प्रकार से हम अपने मानसिक स्वास्थ्य को बना कर रख सकते हैं।
मानसिक स्वास्थ्य देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार रोग या दुर्बलता का उपचार शारीरिक,मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक तरीकों से अच्छी तरह से किया जा सकता है। "स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है"। अतः हमें सक्रिय रहना चाहिए। साथ ही तीन महत्वपूर्ण बातों को बताया,नींद, अच्छा भोजन, प्रकृति के साथ जुड़ाव होना आवश्यक है। मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए एक गिलास पानी पीना, सोने, उठने बैठने का समय निश्चित करना, संतुलित भोजन करना, स्वच्छ जल का उपयोग,चिंतन, मनन करना, दूसरों को धन्यवाद देना, हमेशा कुछ न कुछ नया सीखना, ज्ञान प्राप्त करना,मानसिक स्वास्थ्य का मुख्य स्वरूप है।
विशिष्ट वक्ता डॉ मुक्ति मिश्रा, रायपुर छत्तीसगढ़ ने कहा कि कोरोना काल में बहुत सी समस्याएं हमारे सामने आयी।और हम सब तनाव एवं कुंठा जैसी समस्या से जूझने लगे। इसलिए हमें जागरूकता की आवश्यकता है। वर्तमान में तनाव, कुंठा इतना बढे़ है कि मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ा है। अतः जो भी समस्या आए उसे आत्मविश्वास के साथ समस्या समाधान के बारे में सोचते हुये उसे चुनौती के रूप में लेना चाहिए। और स्वीकार करते हुए उसका समाधान भी करना चाहिए। तभी हम मानसिक स्वास्थ्य से परिपूर्ण रहेंगे।
कार्यक्रम का प्रारंभ डीएलएड की छात्रा कुमारी स्वाति निषाद की मां सरस्वती की वंदना से हुआ। स्वागत उद्बोधन एवं प्रस्तावना डॉ रिया तिवारी, प्राचार्य, ग्रेसियस कॉलेज ऑफ एज्युकेशन के द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन तथा आभार व्यक्त डॉ. मुक्ता कौशिक द्वारा किया गया।
आभासी संगोष्ठी में पटल पर ग्रेसियस कॉलेज ऑफ एज्युकेशन के अध्यापक गण मिस्टर शत्रुघ्न भोई, श्रीमती ललिता शर्मा, श्रीमती साधना शर्मा, डॉ.कल्पना सिंग, डॉ.डिंपल रेड्डी, मिस्टर सनत देवांगन, कुमारी पुष्पा यादव, श्रीमती रेणुका शर्मा, तकनीकी सहायक हितेश कुमार साहू,मि.राम सहित डी एल एड, बी.एड., एम.एड.के प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।