Loading...

साहित्यिक संस्था गूँज कलम ने किया नौ महिला रचनाकारों का सम्मान


नागपुर/पटना। शक्ति महापर्व नवरात्र के शुभ अवसर पर 'गूंज कलम की' साहित्य परिवार नें सनातन संस्कृति एवं परम्परा का निर्वहन करते और नारी शक्ति का सम्मान करते हुए भगवती दुर्गा के नौ अवतारों  के रूप में संस्था से जुड़ीं महिला रचनाकारों को सम्मानित करते हुए प्रस्तुत किया है। 

राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी राजेश पुरोहित को मिली जानकारी के अनुसार संस्था का कहना है कि भारतीय संस्कृति और परम्परा के सतत क्ष्ररण और अवमूल्यन से ही भारत में नारी की स्थिति दुरूह हुई है। वास्तव में इस स्थिति के कारणों के मूल्यांकन हेतु ऐतिहासिक तथ्यों का अध्ययन करना होगा। 

संभवतः आक्रांताओं द्वारा हारे हुए शत्रुओं की महिलाओं को गुलाम बनाना एवम् विविध प्रकार के कुकृत्यों  हेतु कुत्सित भावना के बशीभूत आचरण करने के कारण महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर क्रमश उनकी परिधि संकुचित होती गई और दिनानुदिन स्थिति बदतर होती गई। संस्था का मत है कि जब शक्ति पूजा को नारी सम्मान से जोड़ा जाएगा और इसे सामान्य जनमानस द्वारा  संस्कार में आत्मसात किया जाएगा तो समाज की आधी आबादी अर्थात् नारी की स्थिति भी बेहतर होगी।

सांकेतिक रूप में संस्था ने देवी दुर्गा के नौ रूपों को निरूपित करते हुए नौ महिला रचनाकारों का एक सुंदर पोस्टर जारी किया है। इस पोस्टर में डॉ. स्नेहलता द्विवेदी 'आर्या' को केंद्र में सिद्धिदात्री की जगह दर्शाया गया है और निक्की शर्मा, रुचिका राय, डॉ.अर्चना वर्मा, सुस्मिता मुर्मू 'सिविल' ज्योति कुमारी 'नव्या श्री', ज्योति 'भाव्याश्री', मधु कुमारी और प्रभा कुमारी को विविध देवी स्वरूप में दर्शाया गया है। 

विदित हो कि नवरात्र के दौरान जगतजननी भगवती दुर्गा के विविध रूपों की आराधना करती अनेक रचनाएं 'गूंज कलम की' साहित्य संस्थान से जुड़े साहित्यकार संस्था के पटल पर नित प्रेषित कर भक्ति का महापर्व मना रहे हैं। इन रचनाओं का संकलन कर संस्था द्वारा ई - बुक प्रकाशित करने की योजना है।

समाचार 6798899986865395354
मुख्यपृष्ठ item

ADS

Popular Posts

Random Posts

3/random/post-list

Flickr Photo

3/Sports/post-list