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प्रदूषण नियन्त्रण दिन मनाया गया


नागपुर/सावनेर। स्थानीय अरविन्द इंडो पब्लिक स्कूल में गत दिनों प्रदूषण नियन्त्रण दिन मनाया गया। स्कूली विद्यार्थियों ने इस अवसर पर स्कूल के साथ अपने  निबंध, पेंटिंग्स, पोस्टर्स, बुलेटिन साझा किये स्कूल के प्राचार्य राजेन्द्र मिश्र ने विद्यार्थियों द्वारा निर्मित हस्तलिखित पर्यावरण विशेषांक का लोकार्पण किया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि बढ़ते हुए प्रदूषण की रोकथाम जनजागृति एवं जन सहयोग से ही संभव है। 

आज प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण बढ़ते हुए वाहनों की संख्या एवं सिमटते हुए जंगल हैं। वायु प्रदूषण को रोकने  के लिए अपने वाहनों का सही से ख्याल रखना अत्यंत जरूरी है। मनुष्य के वातावरण में हानिकारक जीवन नाशक, विषैले पदार्थों के एकत्रित होने को प्रदूषण कहते हैं। जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, मृदा प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण, रेडियोधर्मी प्रदूषण से पर्यावरण बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हमारी नदियां दूषित हुई है। आधुनिक प्रौद्योगिकी ने अपनी प्रक्रियाओं से अनेक प्रकार की विषाक्त गैसों, धुओं एवं विषाक्त रसायन युक्त  

अपजलों के माध्यम से जल, थल एवं वायु सभी तत्वों को प्रदूषित कर दिया है। भारत में पर्यावरण प्रदूषण का सबसे प्रमुख कारण है देश की अधिकांश जनता का अशिक्षित एवं गरीब होना है। जलप्रदूषण का मुख्य कारण मानव या जानवरों की जैविक या फिर औद्योगिक क्रियाओं के फलस्वरूप पैदा हुए प्रदूषकों को बिना किसी समुचित उपचार के सीधे जलधाराओं  में विसर्जित कर दिया जाना है। 

बढ़ते हुए प्रदूषण के प्रति चिन्ता व्यक्त करते हुए प्राचार्य राजेन्द्र मिश्र ने कहा कि प्रदूषण नियन्त्रण नियम का सख्ती से पालन होना चाहिए तभी हम पर्यावरण संरक्षण कर पाने में सफल होगे अन्यथा हमें दूरगामी परिणाम झेलने पड़ेगे। विद्यार्थियों द्वार निर्मित हस्तलिखित पर्यावरण विशेषांक की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा के द्वारा ही जनजागृत संभव है। जन भागीदारी की आवश्यकता मायने रखती है। वृक्षारोपण भी उतना ही जरूरी है। 
अरविन्द बाबू देशमुख प्रतिष्ठान के कार्यकारी निदेशक डॉ. आशिष देशमुख ने स्कूल के उपक्रम की सराहना करते हुए सहभागी विद्यार्थियों का अभिनंदन किया।
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