शादी पूर्व थैलेसीमिया माइनर टेस्ट अनिवार्य हो : मोटवानी
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वीएसएसएस का हुआ 343 वां लाइव शो
नागपुर। समस्त विश्व मे सिंधी समाज की एकमात्र संगठन विश्व सिंधी सेवा के महाराष्ट्र अध्यक्ष प्रताप मोटवानी ने बताया पूरे विश्व मे प्रसारित दादा गोपालदास सजनानी प्रस्तुति वीएसएसएस लाइव शो के 343 शो में नागपुर से शुक्रवार को महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल के उपाध्यक्ष, बच्चों के डॉक्टर, समाजसेवी डॉ विन्की रुघवानी प्रमुखता से सम्मिलित हुए। शो शुरू करते हुए डॉ राजू मनवानी ने वीएसएसएस के 7 से 9 जन 2022 को एम्बिवली में आयोजित अन्तराष्ट्रीय सिंधी सम्मेलन की विस्तृत जानकारी दी और उस से संबंधित वीडियो दिखा सभी से 15 दिसंबर अंतिम तारीख तक रजिस्ट्रेशन हेतु अपील की।
महाराष्ट्र अध्यक्ष प्रताप मोटवानी ने डॉ विन्की रुघवानी का परिचय दिया, तत्पश्चात लायन डॉ राजू मनवानी ने डॉ विन्की से उनके जीवन से जुड़ी, परिवार से जुड़ी थैलेसीमिया संबंधित विषयों पर कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन से संबंधित प्रश्न पूछे। डॉ विन्की से सभी प्रश्नों का सुंदर तरीके से जवाब देकर बताया कि वह मेडिकल पढ़ाई के समय ही बच्चों में थैलेसीमिया को देख उनमें उत्सुकता हुई और बच्चों के डॉक्टर बन उन्होंने तब से थैलेसीमिया को रोकने जागरूकता लाने और मेजर बच्चों की सेवा करने का संकल्प किया जिसे आज 30 साल पूरे हुए। उन्होंने कहा महाराष्ट्र में वीएसएसएस के कार्य मोटवानी के नेतृत्व में ऐतिहासिक हो रहे है जो कि बेहद सराहनीय है। उन्होंने कहा कि वीएसएसएस के साथ मिलकर थैलेसीमिया के बारे में पूरे विश्व मे जागरूकता लाएंगे।
उन्होंने बताया देश मे 5 करोड़ लागों को थैलेसीमिया के जीन उपलब्ध है पर उनकी जांच नही होने से उन्हें उनकी जानकारी नही है। उन्होंने बताया पति पत्नी अगर थैलेसीमिया माइनर है तो होने वाला बालक थैलेसीमिया मेजर से पीड़ित हो सकता है जिसे जिंदगी भर खून चढ़ाया जाता है, जिससे उस परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ता है ,परिवार भी सदैव बच्चे के प्रति चिंतित रहता है। उन्होंने बताया कि कोरोना के समय खून डोनेशन नही होने और कोरोना में हॉस्पिटल डॉक्टरों द्वारा कोरोना नियमो का पालन होने से बेहद परेशानी बच्चों को हुई तब उनके द्वारा बच्चों को स्पेशल कार्ड बना कर दिए गए, ताकि बच्चे हॉस्पिटल जाकर खून चढ़ा सके। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल के उपाध्यक्ष होने के नाते कोरोना की समयावधि में डॉक्टरों को मरीजो को व्हाट्सएप के जरिये इलाज करने की परमिशन दी गयी।
महाराष्ट्र राज्य एकमात्र राज्य था जहाँ ऐसी सुविधा उपलब्ध करवाई गई। उन्होंने बताया कि कोरोना का नया वेरिएंट ओमिक्रोन से घबराने की जरूरत नही है। अभी देश मे कुछ मरीज है और विदेशों में भी मरीज कम है यह ज्यादा घातक नही है। लेकिन यह फैलता जल्दी है। डॉ विन्की ने बताया कि अभी देश मे इससे कोई ज्यादा फर्क या लॉक डाउन की परिस्थितियां बनने के आसार कम है। सिर्फ कोरोना से जुड़ी सावधानियां रखना जरूरी है सभी ने वैक्सीन के 2 डोज जरूर लगवाए।
अंत मे आभार महाराष्ट्र अध्यक्ष प्रताप मोटवानी ने करते हुए बताया कि वह 10 निशुल्क मेट्रोमोनियल व्हाट्सएप ग्रुप का संचालन कर रहे है, जो देश विदेश में प्रख्यात है। उस ग्रुप में वह सभी अभिभावकों से अपील करते है कि बच्चों की कुंडली नही मिलाए पर थैलेसीमिया की जांच जरूर करवाये ताकि थैलेसीमिया मेजर बच्चे जन्म नही ले। मोटवानी ने विश्व के सिंधी समाज से उपरोक्त्त अपील की। मोटवानी ने डॉ राजू मनवानी और डॉ विन्की रुघवानी का ज्ञानप्रद परिचर्चा आयोजित करने हेतु आभार माना।