वीएसएसएस टीम ने शहीद हेमू कालानी का मनाया शहादत दिवस
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नागपुर। अमर शहीद हेमू कालानी के 79 वें बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में जरीपटका में हेमू कालानी चौक पर विश्व सिंधी सेवा संगम और विदर्भ सिंधी विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में शहीद हेमू कालानी का शाहदत दिवस मनाया गया और उन्हें माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गयी।
सर्वप्रथम वीएसएसएस महाराष्ट्र अध्यक्ष प्रताप मोटवानी महाराष्ट्र मेडिकल कौंसिल के उपाध्यक्ष डॉ विन्की रुघवानी, समाजसेवी दादा प्रोफेसर विजय केवलरमानी ने शहीद हेमू कालानी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनका स्मरण और नमन किया, साथ मे संयोजक दौलत कुंगवानी, वीएसएसएस महाराष्ट्र महिला टीम अध्यक्ष डॉ भाग्यश्री खेमचन्दानी, नागपुर शहर अध्यक्ष मनोहरलाल आहूजा, नागपुर जिल्हा अध्यक्ष कैलाश केवलरमानी, नागपुर शहर महिला अध्यक्ष पूजा मोरयानी, वेस्ट नागपुर महिला अध्यक्ष निधी ग्वालानी ने भी शहीद हेमू कालानी की प्रतिमा में पुष्प अर्पित किए।
तत्पश्चात दौलत कुंगवानी ने प्रस्तावना कर शहीद हेमू कालानी को स्मरण कर श्रद्धांजलि दी। दादा विजय केवलरमानी ने कहा कि शहीद हेमू कालानी की जीवनी महाराष्ट्र पाठ्यक्रम में शामिल होनी चाहिए ताकि आज के युवाओं को आजादी में अपने जान की परवाह नही कर वीर शहीदों के बारे में जानकारी हो सके। डॉ विन्की रुघवानी ने कहा मात्र 19 वर्ष में वे देश के लिए हंसते हंसते शहीद हो गए। डॉ विन्की ने कहा कि नागपुर मनपा में प्रस्ताव भेजना चाहिए कि नागपुर शहर में भी शहीद हेमू कालानी की भव्य प्रतिमा और स्मारक बनाना चाहिए। डॉ भाग्यश्री खेमचन्दानी ने कहा हमे आज से 1 हफ्ते तक अपने मोबाइल की डीपी में शहीद हेमू कालानी का फोटो लगाना चाहिए।
अंत मे कार्यक्रम अध्यक्ष प्रताप मोटवानी ने बताया कि 78 साल पूर्व हेमू कालानी के इस त्याग को देश कभी भुला नही सकता देश की आजादी में ऐसे परमवीर आज की युवा पीढ़ी के लिए आदर्श है। जिन्होंने अपने जान की परवाह नही की और देश के लिए फांसी पर झूल गए। मोटवानी ने सभी का आभार माना कम समय सूचना से सभी पधारे, उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण आज का श्रद्धांजलि कार्यक्रम संशिप्त में रखा गया आगामी वर्ष 80 वां शहादत दिवस भव्य तरीके से मनाया जाएगा। साथ ही महिला टीम से रेणु सेसवानी, दीपा खिलनानी, पवन देवानी, ओमप्रकाश चावला, मुरली रामरखयानी, प्रदीप कुंगवानी ने भी उपस्थित होकर श्रद्धांजलि प्रकट की। अंत मे सभी का आभार मनोहरलाल आहूजा और कैलाश केवलरमानी ने किया।