महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा सभा में हुआ 'मेरी कहानी' कार्यक्रम
https://www.zeromilepress.com/2022/01/blog-post_596.html
नागपुर। महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा सभा, शंकर नगर में 29 जनवरी को शाम 6 बजे साप्ताहिक कार्यक्रम 'मेरी कहानी' श्रीमती मीरा रायकवार ने 'विधि का विधान, बदलाव अच्छा है' अध्यक्षता करते हुए कहा आज की सभी कहानियां समसामयिक विषयों को लेकर प्रस्तुत हुईं। कहानियों में यह आया बदलाव अच्छा है।
पारसनाथ शर्मा ने पुराणिक पात्र 'नारद' को लेकर मनुष्य के देह व आत्मा के भेद को खोपड़ी के माध्यम से समझाया। वहीं कृष्ण कुमार द्विवेदी ने 'हिंदुस्तानी मैय्यत का समान' के अंर्तगत कौमी एकता और अखंडता संप्रभुता को लेकर लघुकथा प्रस्तुत की।
श्रीमती माधुरी मिश्रा 'मधु' ने 'बदलाव अच्छा है' कहानी में प्रेम प्यार से बने शादी के रिश्ते में सास के साथ बदलते सार्थक रिश्ते व अपने फर्ज की जागरूकता को प्रेषित कर वाह वाही लूटी। डॉ. शशी वर्धन शर्मा ने पंखुरी पात्र के माध्यम से नारियों के ईमानदार वा साहसिक निर्ण्यो की प्रस्तुति के साथ जीवन साथी के चयन के प्रति अन्य कहानी 'उत्तर मिल गया' जागरूक किया। डॉ. प्रभा मेहता ने कोरोना के प्रकोप में आई कमी के बाद बदलते सामाजिक रिश्तों की प्रस्तुति 'सामाजिक प्राणी' के माध्यम से बताया सन्नाटा अंधेरे से प्रकाश का मार्ग तय करता है।
मीरा रायकवार ने 'तुम मां हो' लघु कथा में बच्चे द्वारा माता पिता के महामारी में स्वर्गवास के उपरांत माधुरी द्वारा उसे अपनाना आज के वातावरण वा सामाजिक जरूरत को उठाया। नरेंद्र परिहार ने 'परिश्रम का पैसा' कहानी में गरीब की मदद का अद्भुत तरीका प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन समीक्षात्मक टिप्पणियों से विजय कुमार श्रीवास्तव ने किया और आभार संस्था के तरफ से नरेंद्र परिहार ने व्यक्त किया।