समता और समानता है राष्ट्रीय शिक्षा नीति का लक्ष्य : प्रो. सुषमा यादव
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नागपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 का मूल लक्ष्य समता और समानता को बढ़ावा देना है। साथ ही देश के युवाओं को वैश्वीकरण की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करना है। इस शिक्षा नीति में राष्ट्रीय सांस्कृतिक एकता को महत्व देते हुए समतामूलक समाज की संकल्पना व्यक्त की गई है। यह बात विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की सदस्य तथा बीपीएस. महिला विश्वविद्यालय, हरियाणा की पूर्व कुलपति प्रो. सुषमा यादव ने राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय एवं महात्मा हंसराज संकाय संवर्धन केंद्र, हंसराज कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय संकाय संवर्धन कार्यक्रम में अतिथि वक्ता के रूप में कही। उन्होंने कहा कि इस नीति का उद्देश्य ऐसा समावेशी, गुणवत्ता युक्त वातावरण निर्मित करना है जिसमें महिलाओं, तृतीय पंथियों, दिव्यांगों तथा जनजातियों और समाज के वंचित वर्गों तक को शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध हों।
द्वितीय सत्र के अतिथि वक्ता बाबा साहेब आंबेडकर समाज विज्ञान विश्वविद्यालय, महू, इंदौर में मीडिया और नैक सलाहकार प्रो. सुरेन्द्र पाठक ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 सर्वांगीण मानवीय विकास पर बल देती है। इसमें शिक्षार्थी के समग्र व्यक्तित्व के विकास के साथ नैतिकता और राष्ट्रीयता पर जोर दिया गया है। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 टेक्नोलॉजी के विकास के साथ समाज में सह -अस्तित्व की भावना को विकसित करने पर बल देती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति ऐसे नागरिक समाज की संकल्पना करती है जिसमें ज्ञान, विवेक और विज्ञान तीनों का समन्वित विकास हो।
नागपुर विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ मनोज पांडेय ने स्वागत उद्बोधन दिया। सूत्र संचालन एवं आभार प्रदर्शन प्रा. आकांक्षा बांगर ने किया।