ओ मेरे दिल के चैन...
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पंचम ग्रुप ने किया प्रस्तुत स्वरमिलन की शाम
नागपुर। पंचम ग्रुप द्वारा प्रस्तुत 'स्वरमिलन' में 'ओ मेरे दिल के चैन'... गीत के साथ रंगारंग हुई स्वरमिलन कार्यक्रम की शाम। पंचम ग्रुप द्वारा शनिवार 29 जनवरी को मधुरम हॉल, विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मेलन, झाशी रानी चौक में स्वरमिलन सदाबहार गीतो का संगीतमय सफर का आयोजन किया गया। जिसमे गायकों ने सदाबहार गीतों की प्रस्तुति दी। रसिक भी कई गानों के बोल पर झूम उठे और गानों का खूब लुत्फ उठाया।
कार्यक्रम का आयोजन आनंद भगत ने और संगीत मंगेश पटले ने दिया। निवेदन राजू गोयल ने किया।
स्वरमिलन की शुरुवात आनंद भगत ने सुहानी चांदणी रातें इस गीत से की। उसके बाद उमेश कुमार और इस दिल मे क्या रखा है, श्रुती जैन ने सलोना सा साजन, सजना बरखा बहार आई, नूतन सिंग ने माथे की बिंदीया बोले, राजू गोयल ने भवरे की गुंजन, सानिका बोभाटे ने निगाहे मिलाने का जी चाहता है... ऐसे एक से बढ़कर एक सदाबहार गीतों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
संगीत समारोह को और रंगीन बनाने के लिए पवार सर ने आने से उसके आई बहार, झिलमिल सितरो का अंगण होगा, आनंद भगत ने लगी आज सावन की फिर वो झडी है, इन गीतों की प्रस्तुति दी। साथ ही आनंद भगत और उमेश कुमार ने जाणू मेरी जान, आनंद भगत और सानिका बोभाटे ने बाली उमर ने मेरा हाल वो किया, आनंद भगत और श्रुती जैन ने जानम मेरी जानम, तेरे इशक का मुझपे इस ड्युएट गीतोंपर श्रोता झूम उठे। अंत में, सानिका बोभाटे ने 'पिया तू अब तो आजा' ...गीत के साथ कार्यक्रम का समापन किया।