सफलता का दुश्मन है कम्फर्ट झोन
https://www.zeromilepress.com/2022/01/blog-post_96.html
मोटीवेशन स्पीच में कहा तलरेजा ने
नागपुर। नगर के सिंधी कलाकारों की संस्था सिंधुड़ी यूथ विंग नागपुर व सिंधुड़ी सहेली मंच तथा सुहिंणा सिंधी पूना के संयुक्त त्वावधान में फेसबुक पर 'कम्फर्ट झोन' इस विषय पर वाधनदास तलरेजा का मोटीवेशन स्पीच का आयोजन आनलाइन किया गया। सिंधुड़ी यूथ विंग के संस्थापक संयोजक तुलसी सेतिया के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम में नागपुर मनपा स्थायी समिति के पूर्व चेअरमेन विरेन्द्र कुकरेजा, मुख्य अतिथी तथा सुहिंणा सिंधी पूना के अध्यक्ष पीतांबर पीटर ढलवानी, सिंधी हिंदी गर्ल्स हाइ स्कूल पांचपावली, नागपुर की शिक्षिका प्रीति केवलरामानी , लेखक किशोर लालवानी व भारतीय सिंधू सभा अमरावती के उपाध्यक्ष मोहनलाल मंधानी विशेष अतिथि के रुप में उपस्थित थे।
प्रख्यात मोटिवेशनल स्पीकर दादा वाधनदास तलरेजा ने अपने कहा कि सफलता का दुश्मन है कम्फर्ट झोन आरामदायक स्थति का जीवन जीने की मानसिकता के साथ अपनी मन मर्जी के साथ, अपने टाईम टेबल से जो जीवन जीता है, वही कम्फर्ट झोन में रहता है। कम्फर्ट झोन में रहने वाले को ना तो परिवार से, ना तो समाज से, ना ही राष्ट्र से कुछ लेना देना रहता है। यदि आप उससे कोई हार्ड वर्क करने को कहेंगे पहिले तो वह बहाने ढूंढता है, कल देखते हैं, बाद में वह ना कर देता है। कम्फर्ट झोन एक रोग है जो सफलता की सीढी पर चढ़ने ही नहीं देता। इसका विकल्प है साहस।
आवश्यकता है साहस के साथ संपूर्ण शक्ति के साथ कार्य को अंजाम देते हुए बुलंदियों को छूने की। मुख्य अतिथी विरेंन्द्र कुकरेजा ने कहा कि यह बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है कि हमें कम्फर्ट झोन में नहीं रहना है, हमारा समाज कभी कम्फर्ट झोन में नहीं रहा, दिन रात मेहनत के कारण ही आज इस मुकाम पर पहुंचा है। दादा वाधनदास तलरेजा ने जो कहा कि आज के दौर में दुकाने सुबह 11 -12 बजे खुलती हैं, जबकि पहले सुबह 9 बजे खुलती थीं, इस में सुधार अत्यंत आवश्यक है। कुकरेजा ने याद दिलाया कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी निरंतर कार्य करते रहते हैं।
यह कार्यक्रम सब के लिए प्रेणादायी है इस कार्यक्रम में युवा शक्ति को जोडें। सुहिंणा सिंधी पूना के अध्यक्ष पीतांबर पीटर ढलवानी ने बताया कि इस कार्यक्रम को भारत के अलावा अन्य देशों के दर्शर्को ने भी सराहा है। योग शिक्षिका प्रिती केवलरामानी ने कहा कि दादा वाधनदास ने अपनी ओजस्वी वाणी में जो स्पीच दी है और जो कम्फर्ट झोन के उदाहरण तथा कम्फर्ट झोन से निकलने जो सूत्र बताए हैं वे सफलता हासिल करने के लिए मील का पत्थर साबित होंगे। केवलरामानी ने योगासन के संदर्भ भीअपने विचार व्यक्त किए। अतिथियों का परिचय व आभार प्रदर्शन लेखक किशोर लालवानी ने किया। प्रस्तावना व संचालन तुलसी सेतिया ने किया।