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रूस, यूक्रेन युद्ध से हिरोशिमा की तरह नागरिकों के जीवन को खतरा


विश्वस्तर पर प्रदूषण, अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान

नागपुर (आनंदमनोहर जोशी)। विश्वस्तर पर जहां कोरोना, ओमिक्रोन जैसी महामारी का खतरा टला भी नहीं। वहीं सोवियत रूस और यूक्रेन का युद्ध शुरू हो चुका है। युद्ध के दौरान एटॉम बॉम्ब, बारूद, परमाणु हथियार, यूरेनियम का प्रयोग होंगा। जिससे वायु प्रदूषण फैलेगा। साथ ही बड़ी संख्या में नागरिकों की प्राण हानि भी होंगी। 

इतिहास गवाह है कि अमेरिका ने जब जापान के हिरोशिमा नागासाकी पर हमला किया था। जब उस देश की नागरिकों के शरीर पर विपरित प्रभाव भी हुए। साथ ही जापान को उबरने में काफी वक्त लगा था। युद्ध से देश की जनता के जान माल के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी बदलाव आएगा। शेयर बाजार गिर गए। पेट्रोल,डीजल, जीवनावश्यक वस्तुओं के दाम आसमान छुएंगे। 

विभिन्न देशों की अंतरराष्ट्रीय हवाई जहाज की उड़ने भी प्रभावित होंगी। जैसा कि पहले ही दिन रूस ने यूक्रेन के 70 सैन्य ठिकानों पर हमला किया। बदले में यूक्रेन ने भी रूस के 100 सैनिकों को मारने का दावा किया है। रूस ने यूक्रेन के तीस से अधिक शहरों पर कब्जा कर लिया। यूक्रेन की जनता बेहाल है। भूमिगत मेट्रो रेल स्टेशन पर हजारों की संख्या में नागरिक शरण लिए हुए है। 

दूसरी ओर अमेरिका ने रूस की चार बड़ी बैंक की संपत्ति को ब्लॉक भी किया है। रूस पर निर्यात के प्रतिबंध भी तुरंत लगाए जा चुके है। साथ साथ अमेरिका नाटो बलों को मजबूत करने के लिए अमेरिका ने जर्मनी में अतिरिक्त बलों को भेजना शुरू कर दिया है। भारतीय नागरिक भी यूक्रेन में बड़ी संख्या मे रहते है। उन्हें हंगरी, पोलैंड के मार्ग से सुरक्षित लाने के लिए भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी की है। 

हमारे देश के प्रधानमंत्री ने भी तुरंत बड़ी बैठक का आयोजन करके यूक्रेन और रूस के युद्ध के ताजा घटनाक्रम पर विचार किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से करीब 25 मिनट बात भी की है। भारत के शेयर बाजारों में सिंसेक्स 2700 अंक से ज्यादा गिरा। जिससे 13.57 लाख करोड़ रुपए का नुकसान निवेशकों को हुआ है। साथ ही मास्को एक्सचेंज पर भी ज्यादा नुकसान की खबरें है। क्रूड के दाम पिछले 7 वर्ष के उच्च स्तर पर पहुंच गए है। 

रूस और यूक्रेन के युद्ध से लिथुआनिया ने आपातकाल लगा दिया। यूरोप के विभिन्न हवाई अड्डे पर खतरे मंडरा रहे है। यूक्रेन की राजधानी में पेट्रोल स्टेशन पर कारों की लंबी कतारें लग रही है। यूक्रेन में नागपुर सहित महाराष्ट्र के नागरिक भी फंस गए है। विश्व के अनेक देश के साथ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तत्काल हिंसा रोकने की अपील की है। 

रूस, यूक्रेन युद्ध से तेल, दूध, सब्जी, गैस सिलेंडर की कीमतों पर असर पड़ सकता है। विश्व स्तर पर युद्ध के एटॉमिक प्रयोग के प्रदूषण से स्वास्थ्य को खतरा बढ़ सकता है। साथ ही आर्थिक स्थिति, आयात, निर्यात, एक दूसरे देश के बीच राजनीतिक संबंध बिगड़ सकते हैं।

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