दयानंद पार्क जरीपटका में होगा इष्टदेव झूलेलाल के 1072 वें जन्म दिन पर चेट्रीचंड्र महोत्सव का आयोजन
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भव्य स्कूटर रैली से होगा शुभारंभ
नागपुर। सिंध की पावन धरती आर्यों का मुख्य स्थल रही है। सर्वगुणसंपन्न पवित्र सिंधु नदी इसका मुख्य आकर्षण रही है। साप्रदायिक सद्भावना के प्रवर्तक श्री झूलेलाल अधर्म पर धर्म की जीत के प्रतीक हैं। ईस्वी सन् 950 में उन्होंने मिर्खशाह के जुल्मों से सिंधी समुदाय को बचाने के लिए सिंधु नदी के जल से अवतार लिया था। यही कारण है कि सिंधी समाज के लोग उनकी पावन जयंती पर विशाल 'चेट्री चंड्र महोत्सव' आयोजित करते हैं। सिंधू संस्कृति का अमर पर्व एक नई उमंग, नया उत्साह और नई चेतना लाता है।
इस अवसर पर हर्षोल्लास के वातावरण में गीत, संगीत, नृत्य एवं नाटकों द्वारा 'आवाज़ी कल्चर' का संवर्धन किया जाता है, सिंधियों के लोक नृत्य छेज का प्रदर्शन किया जाता है। अपनी भाषा, अपनी सभ्यता तथा अपनी संस्कृति का जतन करने का हर संभव प्रयास करते हैं। चेट्री चंड्र महोत्सव, इष्टदेव झूलेलाल का जन्म दिवस, पहले एक पर्व के रूप में मनाया जाता था कालांतर में इसे 'सिंधियत दिवस' के रूप में मनाया जाने लगा है।
हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सिन्धी समाज का प्रतिनिधित्व करनेवाली राष्ट्रीय संस्था भारतीय सिन्धु सभा की नागपुर शाखा द्वारा भगवान इष्टदेव झूलेलाल के 1072 वें जन्मोत्सव के अवसर पर आगामी 2, 3 एवं 4 अप्रेल 2022 को जरीपटका दयानंद पार्क मैदान में भव्य चेट्री चंड्र महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव की व्यापक तैयारियों के मद्वेनजर एक आम बैठक का आयोजन स्वामी चांदूराम साहिब मुक्तिधाम, जरीपटका में भारतीय सिंधू सभा के शहर अध्यक्ष घनश्याम कुकरेजा की अध्यक्षता में किया गया।
पत्र विज्ञप्ति में घनश्याम कुकरेजा ने बताया कि तीन दिन तक चलने वाले चेट्रीचंड महोत्सव में सिंधी ग्रूप डांस, देशभक्ति पर आधारित समूह नृत्य, सिंधी नाटक, सामूहिक छेज नृत्य एवं अंतर्राष्टय ख्याति प्राप्त सिंधी गायक एवं फिल्म कलाकार जतिन उदासी द्वारा संगीत संध्या का आयोजन किया गया है। नागपुर महानगरपालिका स्थायी समिति के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र कुकरेजा ने जानकारी दी कि मेले का संयोजक सतीश आनंदाणी को बनाया गया है।
2 अप्रेल 2022
उद्घाटन इष्टदेव झूलेलाल के जन्म दिवस शनिवार 2 अप्रेल 2022 को सुबह 8 बजे कलगीधर सत्संग मंडल जरीपटका से भारतीय सिंधू सभा युवा मंच, सिंधू युवा फोर्स ,सिंधू लायन्स एवं अन्य संस्थाओं के सहयोग से भव्य स्कूटर रैली शुरू होकर पूरी जरीपटका बस्ती और मेकोसाबाग घूमते हुए दयानंद पार्क पर समाप्त होगी।
शाम को 6 बजे वसणशाह चैक,जरीपटका स्थित गणेश मंदिर से पूज्य बहराणा साहिब की पूजा अर्चना एवं आरती होगी। तत्पश्चात् बहराणा साहिब को विधिवत् दयानंद पार्क में स्थापित किया जाएगा।
शाम को 7 बजे हस्तकला प्रदर्शनी और मेले का उद्घाटन किया जाएगा।
शाम को 8 बजे आरती थाली सजाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। रात को 8.30 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत अंतर्राष्टीªय ख्याति प्राप्त सिंधी गायक एवं फिल्म कलाकार जतिन उदासी द्वारा संगीत संध्या का आयोजन किया गया है।
3 अप्रेल 2022
दूसरे दिन रविवार 3 अप्रेल 2022 को शाम को 7 बजे सामूहिक महाआरती रखी गई है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत शाम को 8.30 बजे सिंधुड़ी यूथ विंग द्वारा सामाजिक दो अंकी नाटक परवरिश पेश किया जाएगा। इस नाटक के लेखक किशोर लालवानी एवं निर्माता निर्देशक तुलसी सेतिया हैं।
4 अप्रेल 2022
तीसरे दिन 4 अप्रेल 2022 को शाम को 7 बजे सामूहिक महाआरती रखी गई है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत शाम को 8.30 बजे समूह नृत्यों का आयोजन किया गया है। 9.30 बजे मंजूश्री आसूदाणी और दृष्टि कुकरेजा की महफिल रखी गई है। 10.00 बजे 'सामूहिक छेज नृत्य' का आयोजन किया गया है।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण तीन दिनों दिखाई जाने वाली 'डिजिटल आर्ट गैलरी' रहेगी जिसमें दृष्य एवं श्रव्य माध्यम से नागरिकों को दंनियां की सबसे प्राचीन विरासत सिंधू घाटी की सभ्यता के दर्शन कराए जाएंगे। पार्क के अंदर ही एक अलग डोम बनाया जाएगा जिसमें करीब 50 लोगों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी और बार बार यह क्लिप दिखाई जाएगी।
इसके अलावा तीन दिनों तक बच्चों के मनोरंजन हेतू झूले एवं खाने के स्टाल लगाए जाएंगे।
कार्यक्रम के सफलतार्थ सुरेंद्र ढोलवानी, जगदीश वंजाणी, अशोक केवलरामानी, राजेश बटवाणी, अशोक. पी. केवलरामानी, प्रो.पी.डी. केवलरामाणी, दौलत कुंगवाणी, राखी कुकरेजा, वंदना खुशालाणी, कंचन केसवाणी, प्रियंका पंजवाणी, मंजू कुंगवाणी, वंशिका केसवाणी, मीनाक्षी मेघराजानी, नीता जेसवाणी, साक्षी आनंदाणी, डा. नीलम वीराणी. कोमल साधवाणी, जेनिका कुंगवाणी, एड. कनक तुलसाणी, पूजा मोरयाणी, किरण कोटवाणी, दौलत कुंगवाणी, रवि चांदवाणी, अमर मयानी, श्याम मटलाणी,
राजकुमार कोडवाणी, राजा केवलरामाणी, राजकुमार ढोलवाणी, नताशा मयाणी, गिरधारी गुरनानी, दिलीप बदलानी, दीपक मोटवानी, शैलेंद्र केवलरामानी, राजन कोडवानी, मनोहर पी.केवलरामानी, सुनील भोजवानी, मनीष दासवानी, दिलीप बीखाणी, कमल वासवाणी, राजेश झांबिया, राशि केवलरामाणी, मुरलीधर वलेचा, डॉ राशि वासवाणी, महक मंघाणी, श्याम आहूजा, चंदू गोपाणी, परमानंद कुकरेजा अथक प्रयास कर रहे हैं।