Loading...

'उर्दू अदब और रोजगार की संभावनाएं' विषय पर हुआ विशिष्ट व्याख्यान


नागपुर। राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर उर्दू विभाग में बुधवार 16 मार्च को 'उर्दू अदब और रोजगार की संभावनाएं' विषय पर ऑनलाइन विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन किया गया था।

जबान पर किसी भी धर्म का कोई अधिकार नहीं होता, यह तो दिलों को जोड़ने के लिए बनती है। धर्म के नाम पर जबान को बांटना जबान के साथ अन्याय है। यह बात राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग की ओर से आयोजित विशिष्ट व्याख्यान के स्वागत उदबोधन करते हुए उर्दू विभाग प्रमुख डॉ. संतोष गिरहे ने कही। 


प्रमुख वक्ता की हैसियत से मुंबई विश्वविद्यालय के विभाग प्रमुख डॉ. अब्दुल्ला इम्तियाज उपस्थित थे। उन्होंने अपनी बात रखते हुए उर्दू अदब और रोजगार के बारे में विद्यार्थियों को मार्गदर्शन किया। जर्नलिज्म, तर्जुमा निगारी, उर्दू टाइपिंग, फिल्मी स्क्रिप्ट इसके अलावा और उर्दू भाषा के माध्यम से रोजगार के बहुत से अवसर क्या हो सकते है इस पर प्रकाश डाला। 

इसके अलावा दूसरे अतिथि की पूना कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अब्दुल बारी उपस्थित थे जिन्होंने विषय के संदर्भ में अपने विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि आज का दौर स्पर्धाओं का है, इसमें सिर्फ ज्ञान प्राप्त करना काफी नहीं बल्कि अपने विषय में विशेषज्ञता प्राप्त करना जरूरी है तब ही हम कामयाब होंगे। 

इस व्याख्यान का आरंभ विश्वविद्यालय गीत से किया गया। उसके बाद विभाग प्रमुख एवं आयोजन के समन्वयक डॉ संतोष गिरहे ने अतिथिओं का स्वागत किया। 

कार्यक्रम का  संचालन संयोजक एवं विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. समीर कबीर ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन  सहायक प्राध्यापक डॉ. सबीहा खुर्शीद ने किया। इस व्याख्यान में विश्वविद्यालय के विद्यार्थी और अध्यापक डॉ. शाइस्ता तबस्सुम, डॉ. अस्मत कौसर, डॉ. सुमैया अफशा, डॉ. तरन्नु नेयाज, सना बानो, गुलफेशा अंजुम, मेहर यासमीन आदि उपस्थित थे।
समाचार 2916167183672221273
मुख्यपृष्ठ item

ADS

Popular Posts

Random Posts

3/random/post-list

Flickr Photo

3/Sports/post-list