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सूर्यकिरणों ने किया शिवलिंग व रामजी का अभिषेक


कोल्हापूर महालक्ष्मी मंदिर के बाद विदर्भ में यह पहला मंदिर

नागपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे कालोनी, बेझनबाग, कामठी रोड, बेलिशाप - मोतीबाग स्थित 315 से अधिक वर्ष पुराना प्राचीन श्री शिवमंदिर में हर वर्ष की तरह आज सुबह अनोखा नजारा देखने मिला। मंदिर परिसर में स्थित श्री राम मंदिर व शिवमंदिर के गर्भगृह में पहुंच कर सूर्य की किरणों ने शिवलिंग व रामजी का अभिषेक किया। जिसे हम सूर्य स्नान भी कह सकते है। उसी प्रकार सूर्य की किरणों ने मंदिर में स्थित भगवान राम के चरणों को स्पर्श कर मुखमंडल पर अपनी किरणों का तेज प्रसारित किया। 

यह नज़ारा वर्ष में एक बार ही देखने मिलता है। 28 मार्च सेे अप्रैल 15 तारीख तक वह भी सूर्योदय के समय सुबह 6 से 6.30 बजे तक यह नज़ारा होता है। मंदिर की रचना ऐसी बनी है कि जहां सूर्य की किरणें सीधे मंदिर के अंदर शिवलिंग व राम व लक्ष्मणजी की प्रतिमा पर पड़ती है। इस तरह की रचना का मंदिर शायद विदर्भ में एक मात्र है। 

सूर्य स्नान का उदाहरण हमें कोल्हापुर के महालक्ष्मी मंदिर में देखने मिलता है। विदर्भ में यह एकमात्र मंदिर है जहां सूर्य की किरणें सीधे शिवलिंग पर जाकर किरणों से अभिषेक करती है। उसी तरह रामजी के चरण व मुखमंडल पर अपनी किरणों से स्पर्श करती है। मंदिर परिसर में करीब 80 फिट लंबा स्लैब है साथ ही मंदिर के समक्ष 200 वर्ष पुराना पिपल का पेड़ स्थित है। पंडाल लगा है फिर भी सूर्य की किरणें गर्भगृह में पड़ती है| 

मंदिर की पूजा समिति ने अभिषेक आरती पूजा कर कोरॉना महामारी से मानव जाति को बचाने हेतु प्रार्थना की। गत 2 वर्षो से भक्त इस नजारे को मंदिर आकर देख नही पाए थे। अब कोरोना का प्रकोप कम हुआ है। आप सभी कोरोना नियमों का पालन करते हुए इस अद्भुत नजारे को प्रत्यक्ष देख सकते है। 
आगामी 2 अप्रैल से चैत्र नवरात्र उत्सव की शुरुवात हो रही है। इस दिन सुबह माताजी की मुख्य घट की स्थापना, तत्पश्चात भक्तो की मनोकामना अखंड ज्योत प्रज्वलन होगा। 
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