मंदिर के लिए पुरोहित परिवार ने की भूमि का दान
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श्री घाटा बालाजी सेवार्थ ट्रस्ट ने किया सम्मानित
नागपुर/डीडवाना। दौसा राजस्थान के लालसोट तहसील के डीडवाना गांव में स्थित प्रसिद्ध 'घाटा हनुमान' मंदिर बड़ा आस्था का केंद्र है, यह मंदिर की स्थापना लगभग 135 वर्ष पूर्व डीडवाना निवासी पुरोहित परिवार ने की थी।
हाल ही में 26 मार्च 2022 को श्री घाटा बालाजी सेवार्थ ट्रस्ट द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मंदिर के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि दान करने वाले प्रकाशंचद पुरोहित परिवार को मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों के हंसते शाल श्रीफल तथा पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। प्रकाशंचद पुरोहित पुत्र किशनलाल पुरोहित, डीडवाना हाल निवासी महाराष्ट्र के जिला अमरावती में वरुड तहसील निवासी को सम्मानित करते हुए उन्हे आजीवन सदस्यता भी प्रदान की।
इस अवसर पर प्रमुखता से उपस्थित प्रकाशंचद पुरोहित की धर्मपत्नी कांचन पुरोहित एवं पुत्र महेश पुरोहित को भी सम्मानित किया गया।
मंदिर परिसर की इस भूमि के मुख्य प्रकाशचंद पुरोहित ने मंदिर ट्रस्ट को मंदिर के विस्तार के लिए भूमि दान मे देकर सराहनीय कार्य किया है जिसकी सर्वत्र प्रशंसा हो रही हैं।
इस अवसर पर डिडवाना के सरपंच विनोद फुलवारिया, पूर्व सरपंच दीपक पटेल, ट्रस्ट के अध्यक्ष शंभू दयाल पुरोहित, सचिव मीठालाल गौतम, अंकुश आमेरिया, वरिष्ठ शिक्षाविद् ओमप्रकाश चतुर्वेदी, वार्ड पंच राकेश मेडीवाला, रवि शर्मा, रमेश मुंशी, अक्षित जांगिड एवं गिर्राज भरतड़ा सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।
प्रसिद्ध 'घाटा हनुमान' मंदिर मे आसपास के गांव के अलावा दूर-दूर से लोग अपनी मन्नते तथा जात जडूला करने आते हैं। लेकिन अब यह स्थान बहुत बड़े आस्था का केंद्र है यहां आए दिन भक्तों का आवागमन लगा रहता है।
पुरोहित परिवार की भूमि पर स्थापित यह मंदिर लगभग 135 वर्ष पूर्व प्रकाशचंद पुरोहित के दादाजी ने छोटे स्वरूप में इस मंदिर की स्थापना की थी, जिन्हें लोग 'मोटर वाले पुरोहितजी' के नाम से जानते थे। कहते हैं उस समय डीडवाना निवासी प्रकाशचंद के पिताजी किशनलाल पुरोहित के पिताजी गेंदालाल और इनके पिताजी भागीरथ पुरोहित याने चार पीढ़ी पहले मोटर बस 'कोयले' पर भी चलती थी। इस भूमि पर उनकी मोटर बसे खड़ी करने का भी स्थान था।

