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श्रोतरसायन कर्णामृत : तैतिस वे दिवस पर पहुंचा पचहत्तर का प्रवाह


नागपुर। हिंद देश परिवार छत्तीसगढ़ इकाई के पटल पर आज़ादी के पचहत्तर वर्षो को समर्पित पचहत्तर का प्रवाह, धारा प्रवाह तरीके से लगातार गतिशील रहते हुए तैतिस वे दिवस पर पहुंच गया है। सर्वत्र इस कार्यक्रम की बहुत प्रशंसा हो रही है। इस कार्यक्रम की संयोजिका अध्यक्षा रंजना श्रीवास्तव तथा सचिव पूनम तिवारी हिंदुस्तानी है।

माँ शारदे के आशीष से श्रोतरसायन कर्णामृत की परिकल्पना रंजना ने की तो माँ भारती के अमृत महोत्सव को समर्पित इसे पचहत्तर का यादगार प्रवाह 'आजादी का 75 वा वर्ष,75 दिवस,75 वक्ता,75 मनीषी जनों की गौरव गाथा' बनाने की परिकल्पना पूनम तिवारी हिंदुस्तानी ने की तथा देश के कोने कोने से ओजस्वी वक्ताओं को जोड़ने का अथक कार्य भी किया। 

हिंद देश के सभी पदाधिकारियों का वक्तव्य पचहत्तर के प्रवाह के आरंभ के दिनों में ही रखा गया था पर सचिव पूनम तिवारी हिंदुस्तानी ने अपना नाम आगे बढ़ाकर तैतिस वे स्थान तथा 23 मार्च पर कर दिया था क्योंकि इस दिन शहीद दिवस है तथा वे अपने वक्तव्य के जरिए माँ भारती के वीर सपूतों को शहीद भाइयों को भगतसिंह, सुखदेव एवम गुरूदत के पवित्र बलिदानी को आदरांजलि अर्पित करना चाहती है। 

ज्यादा से ज्यादा श्रोतागण इस पवित्र विषय से जुड़ने का प्रयास कीजिए, शहीदों के प्रति सच्ची आदरांजलि अर्पित करने का प्रयास कीजिए। शहीद दिवस 23 मार्च की संध्या पर इसी कड़ी में भगवान राम की महिमा का प्रवाह कर रहे ओजस्वी वक्ता विशाल खर्चवाल, महावीरजी की पवित्र गाथाओं को लेकर आ रही है मधु सिंघी, अजातशत्रु श्रद्धेय अटलजी की याद दिलाने का कार्य किया खुशी प्रयागराज ने तथा वीरांगनाओं की गाथाओं से सबको भाव विभोर किया मध्य प्रदेश से कीर्ति वर्मा ने तथा अपना वक्तव्य समर्पित किया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को।
साहित्य 7612049840381283012
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