हिन्दी महिला समिति का हुआ 'स्वयंसिद्धा सम्मान संग रंगोत्सव'
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नागपुर। शहर की प्रतिष्ठित संस्था हिन्दी महिला समिति ने होली के उपलक्ष्य में रंगोत्सव मोहक रूप से आभासी पटल पर मनाया जो सुषमा अग्रवाल द्वारा संचालित किया गया। इसके अंतर्गत साहित्यिक, हास्य व्यंग्य कविताओं, होली गीत तथा नृत्यों का बेहद खूबसूरत समावेश था।
कार्यक्रम का शुभारंभ हंसाबेन पागडाल के शंखनाद से हुआ तत्पश्चात अध्यक्षा रति चौबे ने उद्बोधन में होली की शुभ कामनाओं के साथ 'करे जब पाँव खुद नर्तन समझ लेना कि होली है' और बताया कि होली भारतीय संस्कृति की धरोहर है। बसंत जब संदेश वाहक बनकर आता है तब इस मनमोहक त्योहार की सूचना देता है।
प्रकृति का कण - कण उत्साहित हो जाता है। भारतीयों व नेपालियों का मदमस्त रंगीला त्योहार आपसी कटुताओं को मिटाकर गले मिलने का आह्वान करता है और इसी दिन हम उन प्रतिभाशाली बहनों को 'स्वयंसिद्धा' सम्मान से सम्मानित करते हैं जिन्होंने अपने जीवन काल में कुछ अनोखा किया हो।
इसीलिए कार्यक्रम की मुख्य अतिथि न्यूजीलैंड की कवियित्री एवं साहित्यकार, श्रीमती सुनीता शर्मा, उत्तराखंड की विदुषी महिला, श्रीमती भगवती पंत जो गीत मल्लिका के साथ-साथ रंगकर्मी कलाकार, संगीत में विशारद हासिल तथा एक आदर्श माता को, उत्तराखंड की ही शान हृषीकेश निवासी श्रीमती कुसुम जोशी जो कि भारतीय संस्कृति से लिपटी, प्रसिद्ध समाजसेविका को महाराष्ट्र की शान नागपुर निवासी, साहित्य एकेडेमी द्वारा पुरस्कृत, काव्य सरिता में डूबी श्रीमती प्रभा मेहता को तथा इन्हीं की हमवतन, व्यंजन विशेषज्ञ,वीमेन एकेडेमी की संचालिका, लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में स्थान पाने वाली श्रीमती रेखा पाण्डेय को स्वयंसिद्धा के सम्मान से सम्मानित किया गया।
सभी अतिथियों ने बड़ी ही नम्रता से अपना परिचय देते हुए मनमोहक गीत व नृत्य प्रस्तुत किए। कार्यक्रम को सफलता के आयाम पर स्थापित करने हेतु जहां एक ओर रश्मि मिश्र ने राशिफन बताकर लोगाें को गुदगुदाया वहीं दूसरी ओर सुनीता केसरवानी ने स्वरचित हास्य व्यंग्य से सभी को हँसाया। मधुबाला श्रीवास्तव ने अपनी कोकिल कंठ सै जब 'आज बिरज में होरी रे रसिया गाया तो सभी के पाँव अनायास ही थिरक उठे।
पूनम बहल, उमा हरगन, मीरा रायकवार, अलका देशपांडे, प्रभा मेहता, अंजलि भांगे, भगवती पंत, नीलम शुक्ला के मनमोहक होली गीतों से दिन रंगीन हो गया।
मुख्य अतिथि सुनीता शर्मा ने अपना हिन्दी प्रेम बताते हुए कहा कि वे न्यूजीलैंड में भी हिन्दी का प्रचार-प्रसार कर रही हैं, यह सुनकर हम सब अभीभूत हुए। किरण हटवार, रश्मि मिश्र के 'पल्लो लटके' के गीत पर तथा कुसुम जोशी के गढ़वाली नृत्य पर सभी झूम उठे। सुषमा अग्रवाल ने मंच संचालन के साथ-साथ होली की उपाधियों से सभी को नवाज़ा तथा हास्य चुटकुलों के हँसगुल्ले फोड़े जिससे सभी हँसते-हँसते लोट-पोट हो गए। रवींद्र कुलकर्णी, गुलबर्ग से ने तबले की जुगलबंदी की। अंत में रश्मि मिश्र की स्वादिष्ट गुझियों तथा नीलम शुक्ला के आभार प्रदर्शन से कार्यक्रम की समाप्ति हुई।

