1 मई को गुरु अंगद देव साहिब प्रकाश पर्व
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नागपुर। जरीपटका स्थित श्री कलगीधर सत्संग मंडल में रविवार 1 मई को गुरु नानक देवजी की ज्योत दूसरी पातशाही गुरु अंगददेव साहिबजी के प्रकाश पर्व निमित्त विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित है।
कार्यक्रम सुबह 6 से 8.30 व शाम 4 से 6 बजे तक श्री जपुजी साहिब व श्री सुखमनी साहिब के सामुहिक पाठ के साथ होगा। तत्पश्चात संयोजक अधि. माधवदास ममतानी गुरु अंगद देव के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालेंगे। कार्यक्रम का समापन आरती, ग्यारह गुरुओं व दसम ग्रंथ में वर्णित आदि शक्ति भवानी माता की स्तुति, अरदास व प्रसाद वितरण के साथ होगा।
संयोजक अधि. माधवदास ममतानी ने बताया कि गुरु अंगद देव जी का जन्म 31 मार्च 1504 ईसवी को गांव मते की सराए, जिला मुकतसर में हुआ। गुरु अंगद देव गुरु नानक देव जी की गद्दी के दूसरे स्वरुप हैं। गुरु अंगद देवजी गुरु नानकदेवजी के हर हुकुम और आज्ञा को सत्य कर माना इसलिए उन्हें ‘हुकुम मानने का स्वरुप’ भी माना जाता है। गुरु अंगद देवजी ने गुरमुखी (पंजाबी लिपि) का प्रचार-प्रसार किया तथा गुरु नानकदेवजी के जीवन काल का पूरा इतिहास संग्रहित कर भाई पैड़ा मोखा से लिखवाया जिसे आज ‘जनम साखी’ के नाम से जाना जाता है।
गुरु अंगद देवजी ने खंडूर शहर बसाया। गुरु घर के रागी कीर्तनकार भाई सत्ता व बलवंडा ने गुरु अंगद देवजी की स्तुति करते हुए कहते हैं- ‘होवै सिफति खसंम दी नूरु अरसहु कुरसहु झटीऐ ।। तुधु डिठे सचे पातिसााह मलु जनम जनम दी कटीऐ।’ अर्थात आपके दर्शन मात्र से जन्मों जन्मों की मैल कट जाती है।
अधि. माधवदास ममतानी ने सभी श्रद्धालुओं से विनंती की है कि उपरोक्त कार्यक्रम में शामिल होकर गुरु महाराज का आशीर्वाद प्राप्त करें।
